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Ghazipur News: तत्कालीन उपनिरीक्षक ने न्यायालय में दर्ज कराया बयान
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गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को 21 साल पुराने विधि विरुद्ध जमाव एवं तोड़फोड़ के मामले में तत्कालीन विधायक और वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी और अन्य के मामले में तत्कालीन उपनिरीक्षक दयाशंकर गुप्ता का बयान दर्ज हुआ। इस दौरान अफजाल अंसारी और अन्य आरोपी उपस्थित रहे। शेष साक्ष्य के लिए अदालत में पांच दिसंबर की तिथि नियत की गई है।
अभियोजन के अनुसार नौ अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे और मुहम्मदाबाद एसडीएम कार्यालय में घुस गए। सूचना पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन लोगों को रोकने का प्रयास किया गया।
इसके बावजूद भी घुस गए और दरवाजा खिड़की के शीशे, बेंच आदि को तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो अफजाल अंसारी भीड़ में शामिल होकर सभा करने लगे। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मुहम्मदाबाद कोतवाली में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया। अदालत ने साक्ष्य के लिए उपरोक्त तिथि नियत की है।
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अभियोजन के गवाह की हुई जिरह
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को बिहार के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित कुल आठ लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में सोमवार अभियोजन के गवाह की जिरह हुई। शेष जिरह के लिए पांच दिसंबर की तिथि नियत की गई हैं।
मालूूम हो कि बीते आठ नवंबर 1993 को समय 10.30 बजे दिन में मुहम्मदाबाद कोतवाली के शाहनिंदा चौराहे पर विधि विरुद्ध तरीके से भीड़ एकत्र कर सार्वजनिक मार्ग को जाम कर नारा और फायरिंग कर चक्का जाम कर दिया था। उसे रोकने गए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई की गई थी। इस संबंध में मुहम्मदाबाद में 127 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया। इधर पूर्व विधायक सिंहासन सिंह के मामले में भी गवाही हुई, जिसमें अगली तिथि पांच दिसंबर नियत की गई है।
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अभियोजन के अनुसार नौ अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे और मुहम्मदाबाद एसडीएम कार्यालय में घुस गए। सूचना पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन लोगों को रोकने का प्रयास किया गया।
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इसके बावजूद भी घुस गए और दरवाजा खिड़की के शीशे, बेंच आदि को तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो अफजाल अंसारी भीड़ में शामिल होकर सभा करने लगे। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मुहम्मदाबाद कोतवाली में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया। अदालत ने साक्ष्य के लिए उपरोक्त तिथि नियत की है।
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अभियोजन के गवाह की हुई जिरह
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को बिहार के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित कुल आठ लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में सोमवार अभियोजन के गवाह की जिरह हुई। शेष जिरह के लिए पांच दिसंबर की तिथि नियत की गई हैं।
मालूूम हो कि बीते आठ नवंबर 1993 को समय 10.30 बजे दिन में मुहम्मदाबाद कोतवाली के शाहनिंदा चौराहे पर विधि विरुद्ध तरीके से भीड़ एकत्र कर सार्वजनिक मार्ग को जाम कर नारा और फायरिंग कर चक्का जाम कर दिया था। उसे रोकने गए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई की गई थी। इस संबंध में मुहम्मदाबाद में 127 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया। इधर पूर्व विधायक सिंहासन सिंह के मामले में भी गवाही हुई, जिसमें अगली तिथि पांच दिसंबर नियत की गई है।