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आत्मरक्षा के गुर सीख चुकी छात्राओं की दक्षता की होगी परीक्षा
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गाजीपुर। आत्मरक्षा के गुर सीख चुकी छात्राओं की निपुणता की परीक्षा होगी। इसके लिए पहले विद्यालय स्तर और फिर इसमें चयनित छात्राओं की न्याय पंचायत-संकुल स्तर पर ‘मुझमें है दम, नहीं किसी से कम’ आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में क्षमता और कौशल का लोहा मनवाने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके आयोजन के लिए प्रत्येक विद्यालय को दो हजार रुपये दिए जाएंगे।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उनके उत्थान के लिए सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। बालिकाओं के साथ आए दिन हो रही उत्पीड़न या शोषण की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शासन की ओर से रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया गया था। इसका उद्देश्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छात्राओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर शारीरिक और मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए ताकि विषम परिस्थिति में बिना विचलित हुए वह अपनी सुरक्षा कर सकें। उत्पीड़न या शोषण करने वालों को सबक सिखा सकें। इसके तहत उच्च प्राथमिक-कंपोजिट विद्यालय की छात्राओं को खेल अनुदेशकों की तरफ से आत्मरक्षा के तहत जूडो कराटे-ताइक्वांडो के गुर सिखाए गए। जिले के 470 उच्च प्राथमिक-कंपोजिट विद्यालय की करीब 35 हजार छात्राओं को बीते वर्ष अक्तूबर माह से दिसंबर तक 158 अनुदेशकों की तरफ से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण देने वाले अनुदेशकों के लिए शासन की तरफ से प्रति विद्यालय मानदेय निर्धारित किया गया था। प्रशिक्षण पाकर निपुण हो चुकी इन छात्राओं की आत्मरक्षा में दक्षता की परख की जाएगी। इसके लिए मुझमें है दम, नहीं किसी से कम आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। चुनाव बाद होने वाली यह प्रतियोगिता पहले विद्यालय स्तर पर होगी। इसमें चयनित छात्राएं अपनी क्षमता और कौशल का प्रदर्शन न्याय पंचायत-संकुल स्तर पर करेंगी। इसमें विजयी प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
मुझमें है दम, नहीं किसी से कम आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रतियोगिता चुनाव बाद आयोजित की जाएगी। इसके आयोजन के लिए प्रति विद्यालय दो हजार की दर से धनराशि जिले को उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही प्रतियोगिता का कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा- अमित कुमार राय, प्रभारी जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
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बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उनके उत्थान के लिए सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। बालिकाओं के साथ आए दिन हो रही उत्पीड़न या शोषण की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शासन की ओर से रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया गया था। इसका उद्देश्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छात्राओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर शारीरिक और मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए ताकि विषम परिस्थिति में बिना विचलित हुए वह अपनी सुरक्षा कर सकें। उत्पीड़न या शोषण करने वालों को सबक सिखा सकें। इसके तहत उच्च प्राथमिक-कंपोजिट विद्यालय की छात्राओं को खेल अनुदेशकों की तरफ से आत्मरक्षा के तहत जूडो कराटे-ताइक्वांडो के गुर सिखाए गए। जिले के 470 उच्च प्राथमिक-कंपोजिट विद्यालय की करीब 35 हजार छात्राओं को बीते वर्ष अक्तूबर माह से दिसंबर तक 158 अनुदेशकों की तरफ से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण देने वाले अनुदेशकों के लिए शासन की तरफ से प्रति विद्यालय मानदेय निर्धारित किया गया था। प्रशिक्षण पाकर निपुण हो चुकी इन छात्राओं की आत्मरक्षा में दक्षता की परख की जाएगी। इसके लिए मुझमें है दम, नहीं किसी से कम आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। चुनाव बाद होने वाली यह प्रतियोगिता पहले विद्यालय स्तर पर होगी। इसमें चयनित छात्राएं अपनी क्षमता और कौशल का प्रदर्शन न्याय पंचायत-संकुल स्तर पर करेंगी। इसमें विजयी प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
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मुझमें है दम, नहीं किसी से कम आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रतियोगिता चुनाव बाद आयोजित की जाएगी। इसके आयोजन के लिए प्रति विद्यालय दो हजार की दर से धनराशि जिले को उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही प्रतियोगिता का कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा- अमित कुमार राय, प्रभारी जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
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