जिले में विधानसभा चुनाव के लिए सात मार्च को मतदान होगा लेकिन मतदान केंद्रों तक जाने वाली सड़कों को अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया। ऐसे में मतदाताओं को ही नहीं बल्कि मतदान कार्मिकों और सुरक्षा कर्मियों को भी केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विधानसभा का चुनाव जिले में सात मार्च को कराया जाएगा। सातवें एवं अंतिम चरण में होने वाले चुनाव को सकुशल संपन्न कराने को लेकर प्रशासन की ओर से जोरशोर से तैयारी की जा रही है। मतदान केंद्रों तक जाने वाले मार्गों की दशा सुधारने का निर्देश दिया गया है लेकिन अभी भी क्षेत्र के कई केंद्रों तक जाने वाले रास्तों की दशा दयनीय बनी हुई है। पटकनिया-युवराजपुर-कालूपुर मार्ग, सुहवल-युवराजपुर मार्ग, सुहवल-गौरा-अड़रिया मार्ग, सुहवल-भिक्खीचौरा-बवाड़ा मार्ग, मेदिनीपुर-कालूपुर मार्ग की तरह कुछ अन्य गांवों के मतदान केंद्रों तक जाने वाले मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में कई बार इसको दुरुस्त कराए जाने को लेकर गुहार लगाई गई लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते मरम्मत का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। इन मार्गों पर दिन या रात के पहर चलने वाले लोगों को हर समय दुर्घटना की आशंका सताती रहती है। बारिश होने पर इन मार्गों की स्थिति और बदतर हो जाती है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण कमल ने बताया कि मतदान केंद्रों तक जाने वाले सभी जर्जर मार्गों का सर्वे कराया जा रहा है। मतदान से पहले हर हाल में जर्जर मार्गों को दुरुस्त करा लिया जाएगा।