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यौमे आशूरह: पूरे दिन घरों में चलता रहा मजलिस-ओ-मातम का दौर

Fri, 20 Aug 2021 11:11 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:11 PM IST
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The period of Majlis and mourning continued in the houses
कालनपुर गांव में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के जन्मदिन के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार? - फोटो : GHAZIPUR
दस मुहर्रम (यौमे आशूरह) को पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे शोहदा-ए- कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को नम आंखों से याद किया गया। जिन्होंने इस्लाम और इंसानियत की बका के लिए शहादत तो कुबूल की लेकिन यजीद की बैयत कुबूल न की। पूरे दिन घरों में मजलिस-ओ-मातम का दौर चलता रहा। लोग नौहाख्वानी मातम, सीनाजनी करते रहे। या अली, या हुसैन, या अब्बास, हाए सकीना की सदाएं बुलंद होती रहीं।
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कोविड-19 संक्रमण के कारण शासन की तरफ से इमाम चौक पर ताजिया रखने तथा जुलूस आदि पर पाबंदी लगाई गई थी। जिस कारण पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी न तो चौक पर ताजिये रखे गए और न ही जुलूस बरामद हुआ। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए लोगों ने घरों में परिजनों के साथ ही मजलिस-ओ-मातम किया। मजलिस के दौरान सोज पढ़े गए। इसके बाद नौहाख्वानी, मातम, सीनाजनी करते रहे। मजलिस को खेताब फरमाने वाले ओलमा और जाकिर ने किरदारे अहलेबैत पर रोशनी डाली तथा मसाएबे शोहदाए-कर्बला बयान किया। इसके बाद नौहाख्वानी, मातम, सीनाजनी करते रहे। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
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सायंकाल घरों में फातेहा ख्वानी एवं नज्रो-नेयाज किया गया। देर शाम कर्बला से लाई गई मिट्टी को ले जाकर दफ्न किया गया। बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा सहित मलिकनगांव, दरगाह, पलिवार, रायपुर, झोटना, देईपुर आदि गांव में (शुक्रवार) को दस मुहर्रम (यौमे आशूरह) के मौके पर शोहदाए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन तथा अन्य शोहदाए-कर्बला को नम आंखों से याद किया गया। मुस्लिम बहुल मुहल्लों के घरों में पूरे दिन या अली या हुसैन या अब्बास हाए सकीना की सदाएं बुलंद होती रहीं। अजादारे हुसैन ने फर्शे-अजा बिछायी।
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लोग परिजनों के साथ मजलिस-ओ-मातम करते रहे। इस दौरान लोगों ने नौहाख्वानी एवं सीनाजनीं कर शोहदाए-कर्बला को नम आंखों से याद किया। सायंकाल लोगों ने घरों में फातेहाख्वानी एवं नज्रो-नेयाज किया। स्थानीय कस्बा के दक्षिण मुहल्ला की अंजुमन मुंतजरीने मेंहदी के लोगों ने बहरियाबाद चौक स्थित बस स्टैंड तथा उत्तर मुहल्ला की अंजुमन हुसैनिया के लोगों ने कबीर चौक पर सबीलें चलाई। आने-जाने वाले राहगीरों को बिस्किट के पैकेट एवं बोतलबंद पानी वितरित करते रहे। देर शाम कर्बला से लाई गई मिट्टी को कर्बला ले जाकर दफ्न किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से थानाध्यक्ष पन्नेलाल, एसआई ईष्टदेव पांडेय, दयाराम गौतम, नंदलाल कुशवाहा आदि मौजूद थे। इसके अलावा जिले के कई अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में शोहदाए-कर्बला को नम आंखों से याद किया।
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