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Ghazipur News: बेटे के निधन का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी मां, 24 घंटे में उसने भी तोड़ा दम
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मरदह। लिवर इंफेक्शन से इकलौते पुत्र की मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकीं और 24 घंटे में ही उनकी भी मौत हो गई। इससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुत्र के बाद मां के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। मरदह गांव के छोटका मरदह दानी का पुरा यादव बस्ती निवासी विजय यादव (22) लिवर के इंफेक्शन से लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इलाज के दौरान युवक की रविवार को वाराणसी निधन हो गया। वह चार बहनों का इकलौता भाई था। काफी समय से बीमार चल रहा था।
पुत्र के निधन की जानकारी होते ही मां धीरजा देवी सदमे में चली गईं। देखते ही देखते उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें स्थानीय चिकित्सक के यहां ले गए। वहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
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वहीं धीरजा देवी का इलाज चल रहा था। सोमवार की सुबह उपचार के दौरान उनका भी निधन हो गया। पुत्र के बाद मां के निधन की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के रोने-बिलखने की आवाज सुनकर गांव के लोगों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। घटना ने गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।
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गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। मरदह गांव के छोटका मरदह दानी का पुरा यादव बस्ती निवासी विजय यादव (22) लिवर के इंफेक्शन से लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इलाज के दौरान युवक की रविवार को वाराणसी निधन हो गया। वह चार बहनों का इकलौता भाई था। काफी समय से बीमार चल रहा था।
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पुत्र के निधन की जानकारी होते ही मां धीरजा देवी सदमे में चली गईं। देखते ही देखते उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें स्थानीय चिकित्सक के यहां ले गए। वहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
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वहीं धीरजा देवी का इलाज चल रहा था। सोमवार की सुबह उपचार के दौरान उनका भी निधन हो गया। पुत्र के बाद मां के निधन की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के रोने-बिलखने की आवाज सुनकर गांव के लोगों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। घटना ने गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।