फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The melody of Phag makes the mind-mood

Ghazipur News: फाग का राग बना देता है मन-मिजाज

Sun, 29 Jan 2023 11:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jan 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
The melody of Phag makes the mind-mood
बसंत पंचमी आते ही होली की तैयारियां और फाग गीत लोगों के मन में उल्लास का वातावरण बनाने लगता है। क्या बूढ़े ,क्या जवान और क्या बच्चे सभी लोग इस त्योहार के लिए आकुल हो उठते हैं।
विज्ञापन

आज के कई दशकों पूर्व गांव घर के सम्मानित जनों द्वारा दी गई जिम्मेदारियों के हिसाब से काम भी होता था। तब त्योहार की छटा देखते बनती थी। स्त्री पुरुष दोनों वर्ग इस त्योहार का उल्लास मनाते नहीं थकते थे। उल्लास का वातावरण बसंत पंचमी के पास से ही शुरू हो जाता था। धीरे-धीरे यह परंपरा औपचारिक हो कर रह गई है।
विज्ञापन

बसंत पंचमी के दिन होलिका की स्थापना के साथ ही फाग और होली का अटूट रिस्ता गहराने लगता है। बड़े बुजुर्गों से उनके समय के होली की बात चलती है तो उनका मन दुखी हो उठता है। पहले की होली और आज की होली में बड़ा फर्क आ गया है। तब प्रेम और सौहार्द की होली थी। अब होली को हुड़दंग का त्योहार मान लिया गया है। आपसी प्रेम की जगह कटुता और प्रतिद्वंदिता ने इस पर्व की परंपरा का क्षरण कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सावर्जनिक स्थलों पर बजने लगते थे ढोल मजीरे
औड़िहार। करीब छह -सात दशक पूर्व तक बसंत पंचमी से ही जगह जगह ढोल मजीरे सुनाई देने लगते थे। सार्वजनिक स्थलों पर इकट्ठा होकर शाम को देर रात तक फाग के गीत आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करते थे। उस वक्त के फाग गीत - बम भोले बाबा, बम भोले बाबा ,कहां रंगायो शिव पगरिया। मथुरा रंगायो की काशी रंगायो, कहां की ओडी चादरिया। स्त्रियां भी अपनी अलग गोल लेकर आंगन में चौपाल लगाने में पुरुषों को पीछे छोड़ देती थी। बदलते परिवेश और आधुनिकता बोध में अब होली की उमंग गायब है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed