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उपेक्षा से नगर के प्रमुख पोखरे की टूट रही संास
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नगर के प्रमुख पोखरे में शामिल तिलकनगर स्थित पहाड़ खां का अब तक सुंदरीकरण नहीं हो सका है। प्रस्ताव पर मुहर लगने की आस देखते- देखते अब सांस टूटने लगी है। स्थिति यह है लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बने इस पोखरे का पानी भी अब काला हो चुका है। दुर्गंध उठने से राहगीरों एवं आस-पास रहने वाले लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहीं नहीं घरों और विभिन्न कॉलोनियों के नालों का पानी भी गिरने स्थिति काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में देखा जाए तो कुछ दिन बाद ही अब नगर पालिका चुनाव का बिगुल बज उठेगा और लंबे समय से सुंदरीकरण की राह देख रहे पोखरे को अब कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
अमृत सरोवर योजना के तहत पोखरा और तालाबों की सुंदरीकरण के साथ घाट निर्माण सहित अन्य कार्य कराये जाने के लिए नपा की ओर से नगर के बीचो-बीच तिलकनगर स्थित पोखरे का सुंदरीकरण करने के लिए छह माह पूर्व प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगने से अब पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य जहां अधर में लटक गया है। वहीं किनारे पर लगे कूड़े के ढेर और गंदे पानी के दुर्गंध से कराह रहे इस पोखरे को फिलहाल छुटकारा मिलता नहीं दिख रहा है। पोखरे की स्थिति अब यह हो चुकी है कि पानी काला पड़ चुका है, वहीं संक्रामक बीमारी के फैलने का भी खतरा लोगों पर मंडरा रहा है। खासकर पोखरे के किनारे सड़क से आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वजह गंदे पानी से उठने वाले दुर्गंध से जीना मुहाल हो चुका है। ऐसे में अब आमजनों का कहना है कि सिर्फ प्रस्ताव का नाम देकर सुंदरीकरण का दावा किया जाता है, जबकि स्थिति जस की तस बनी रहती है। अगर नपा प्रशासन की ओर से पहले ही प्रस्ताव शासन को भेजा गया होता तो शायद पोखरे का आज सुंदरीकरण हो गया होता, लेकिन अब तो स्थिति यह है कि कुछ ही माह में नगर पालिका परिषद के चुनाव का भी बिगुल बज सकता है। ऐसे में इस बार भी सिर्फ आश्वासन पर ही सुंदरीकरण की फाइल बंद हो जाएगी। इस संबंध में नपा ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि शासन द्वारा मुहर लगते और धनराशि मिलते ही सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा।
ऐतिहासिक पहाड़ खां का इतिहास है पुराना
गाजीपुर। नगर में स्थित ऐतिहासिक पहाड़ खां का इतिहास काफी पुराना है। मुगल बादशाह अकबर ने पहाड़ खां को गाजीपुर की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसका निर्माण उन्होंने ही अपने कार्यकाल में करवाया था। कभी यह पोखरा जिले की शान हुआ करता था। इसकी खूबसूरती निहारने के लिए लोग सुबह शाम आते थे, लेकिन दिन बीतने के साथ ही आसपास के लोगों ने इसे कूड़ादान बना दिया। इसका पानी इतना गंदा हो गया कि इससे दुर्गंध उठ रही है। गंदगी ने इसका भी स्वरूप बिगाड़ दिया। इसके सुंदरीकरण के लिए नगर पालिका की ओर से 4.91 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था।
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अमृत सरोवर योजना के तहत पोखरा और तालाबों की सुंदरीकरण के साथ घाट निर्माण सहित अन्य कार्य कराये जाने के लिए नपा की ओर से नगर के बीचो-बीच तिलकनगर स्थित पोखरे का सुंदरीकरण करने के लिए छह माह पूर्व प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगने से अब पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य जहां अधर में लटक गया है। वहीं किनारे पर लगे कूड़े के ढेर और गंदे पानी के दुर्गंध से कराह रहे इस पोखरे को फिलहाल छुटकारा मिलता नहीं दिख रहा है। पोखरे की स्थिति अब यह हो चुकी है कि पानी काला पड़ चुका है, वहीं संक्रामक बीमारी के फैलने का भी खतरा लोगों पर मंडरा रहा है। खासकर पोखरे के किनारे सड़क से आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वजह गंदे पानी से उठने वाले दुर्गंध से जीना मुहाल हो चुका है। ऐसे में अब आमजनों का कहना है कि सिर्फ प्रस्ताव का नाम देकर सुंदरीकरण का दावा किया जाता है, जबकि स्थिति जस की तस बनी रहती है। अगर नपा प्रशासन की ओर से पहले ही प्रस्ताव शासन को भेजा गया होता तो शायद पोखरे का आज सुंदरीकरण हो गया होता, लेकिन अब तो स्थिति यह है कि कुछ ही माह में नगर पालिका परिषद के चुनाव का भी बिगुल बज सकता है। ऐसे में इस बार भी सिर्फ आश्वासन पर ही सुंदरीकरण की फाइल बंद हो जाएगी। इस संबंध में नपा ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि शासन द्वारा मुहर लगते और धनराशि मिलते ही सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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ऐतिहासिक पहाड़ खां का इतिहास है पुराना
गाजीपुर। नगर में स्थित ऐतिहासिक पहाड़ खां का इतिहास काफी पुराना है। मुगल बादशाह अकबर ने पहाड़ खां को गाजीपुर की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसका निर्माण उन्होंने ही अपने कार्यकाल में करवाया था। कभी यह पोखरा जिले की शान हुआ करता था। इसकी खूबसूरती निहारने के लिए लोग सुबह शाम आते थे, लेकिन दिन बीतने के साथ ही आसपास के लोगों ने इसे कूड़ादान बना दिया। इसका पानी इतना गंदा हो गया कि इससे दुर्गंध उठ रही है। गंदगी ने इसका भी स्वरूप बिगाड़ दिया। इसके सुंदरीकरण के लिए नगर पालिका की ओर से 4.91 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था।
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