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हादसे को दावत दे रही रेलवे ट्रैक किनारे की झोपड़ी
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ताड़ीघाट रेलवे क्रासिंग के पास ट्रैक के समीप झोपड़ी के बगल से गुजरती मेमू ट्रेन। संवाद
- फोटो : GHAZIPUR
ताड़ीघाट रेलवे क्रासिंग के पास रेलवे ट्रैक के किनारे बनाई गई झोपड़ियां हादसे को दावत दे रही हैं। करीब डेढ़ दशक पहले रेलवे ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। उस दौरान अतिक्रमण हटाया भी गया था लेकिन बाद भी फिर अतिक्रमण हो गया। इसके अलावा सोनवल, सुगवलियां, बेमुई, सरहुला और नगसर आदि स्थानों पर लोगों ने वर्षों से रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किया है।
दिलदारनगर ताड़ीघाट ब्रांच लाइन के किनारे लोग झोपड़ियां डालकर और कच्चे मकान बनाकर कर परिवार के साथ रह रहे हैं। अतिक्रणाकारियों की झोपड़ियां ठीक ट्रैक से सटी हुई है। ऐसे में ट्रेन के आने जाने पर हादसे की आशंका रहती है। हालांकि अभी तक कोई दुर्घटना नहीं हुई है लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। ट्रैक की मरम्मत के समय अवैध अतिक्रमण बाधा पैदा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे की ओर से अतिक्रमण हटाने की दिशा में सिर्फ कोरम पूरा करता है। सबसे बड़ी बात तो अतिक्रमण के बारे में रेलवे के अधिकारियों को जानकारी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। लोगों का कहना है कि यह जरूरी नहीं कि हादसे के बाद ही रेलवे प्रशासन मामले को संज्ञान में ले। रेलवे की जमीन अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो विभाग की ओर से उन स्थानों पर अतिरिक्त परियोजना शुरू की जा सकती है।
कोट
रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।-बाल गंगाधर, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ, दिलदारनगर।
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दिलदारनगर ताड़ीघाट ब्रांच लाइन के किनारे लोग झोपड़ियां डालकर और कच्चे मकान बनाकर कर परिवार के साथ रह रहे हैं। अतिक्रणाकारियों की झोपड़ियां ठीक ट्रैक से सटी हुई है। ऐसे में ट्रेन के आने जाने पर हादसे की आशंका रहती है। हालांकि अभी तक कोई दुर्घटना नहीं हुई है लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। ट्रैक की मरम्मत के समय अवैध अतिक्रमण बाधा पैदा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे की ओर से अतिक्रमण हटाने की दिशा में सिर्फ कोरम पूरा करता है। सबसे बड़ी बात तो अतिक्रमण के बारे में रेलवे के अधिकारियों को जानकारी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। लोगों का कहना है कि यह जरूरी नहीं कि हादसे के बाद ही रेलवे प्रशासन मामले को संज्ञान में ले। रेलवे की जमीन अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो विभाग की ओर से उन स्थानों पर अतिरिक्त परियोजना शुरू की जा सकती है।
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रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।-बाल गंगाधर, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ, दिलदारनगर।
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