Mukhtar Ansari: माफिया मुख्तार अंसारी और सांसद अफजाल के गैंगस्टर मामले की सुनवाई टली, कोर्ट ने अब ये तारीख दी
22 नवंबर 2007 को मुहम्मदाबाद पुलिस ने विभिन्न मामलों को शामिल करते हुए गैंग चार्ट में सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी को शामिल कर गिरोह बंद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर आज फैसला टल गया है।
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अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ, एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से 16 वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी और उनके भाई पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी पर फैसला टाल दिया गया है। अब इस मामले में 29 अप्रैल को फैसला आएगा। एक अप्रैल को बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। न्यायाधीश दुर्गेश के अवकाश पर होने के चलते शनिवार को फैसला नहीं हो पाया।
22 नवंबर 2007 को मुहम्मदाबाद पुलिस ने सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी पर गिरोह बंद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में सांसद अफजाल अंसारी जमानत पर हैं। 23 सितंबर 2022 को सांसद अफजाल अंसारी एवं मुख्तार अंसारी के विरुद्ध आरोप न्यायालय में प्रथम दृष्टया तय किया गया था।
अभियोजन की तरफ से प्रथम गवाह रिटायर्ड इंस्पेक्टर राम दरस यादव की गवाही पूरी होने के बाद दूसरे गवाह सूर्य प्रकाश यादव का बयान हुआ था। गवाही पूरी होने पर सफाई साक्ष्य के लिए 16 फरवरी की तिथि तय की गई थी, लेकिन अंसारी बंधुओं की ओर से 21 फरवरी को सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किया गया था।
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एक अप्रैल को सांसद अफजाल अंसारी की ओर से बहस पूरी हुई। इसके बाद दूसरे दिन गैंगस्टर के मामले में मुख्तार अंसारी की ओर से बहस पूरी की गई। न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया। मालूम हो कि दूसरे गैंगस्टर के मामले में 15 दिसंबर 2022 को मुख्तार अंसारी और भीम सिंह को इसी न्यायालय ने 10-10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी।
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फिर से बहस होनी चाहिए
गाजीपुर कोर्ट में गैंगस्टर मामले में फैसले की सुनवाई के सांसद अफजाल अंसारी उपस्थित हुए। हालांकि, न्यायाधीश के अवकाश पर होने से मुख्तार अंसारी को वीडियो क्रांफ्रेंसिंग से नहीं जोड़ा गया। कोर्ट से लौटते वक्त सांसद अफजाल अंसारी से फैसले पर सवाल पूछने पर कहा गया कि सब्र रखिए। अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी के वकील लियाकत अली ने कहा कि इस मामले में फिर से बहस होनी चाहिए।
अगर किसी मामले में 15 दिन तक फैसला नहीं आता है तो फाइल को बहस के लिए जाने का प्रावधान है। इस मामले में एक अप्रैल को सुनवाई पूरी हो गई है। अब फैसला आने की दरकार है। लियाकत अली ने कहा कि ऐसे मामले में अधिकतम 10 साल तक सजा का प्रावधान है। इस मामले में नौ गवाहों की गवाही हो चुकी है। बचाव पक्ष से भी तीन लोगों ने गवाही दी है।