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शिक्षा पद्धति में बदलाव जरूरी
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:42 PM IST
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जमाने से साथ शिक्षा पद्धति में बदलाव की जरूरत है। सरकार की ओर से शिक्षकों को दक्ष करने का प्रयास किया जा रहा है। दुनिया तेजी से बदल रही है और तकनीक से जुड़ कर विकास का राह प्रशस्त कर रही है। ऐसे में पुरानी शिक्षा पद्धति
तकनीक विकास की राह में बाधक बन रही है। ये बातेें रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को नगर स्थित रामचंद्र बाल भारती स्कूल के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों को दक्ष करने के लिए कई स्थानों पर केन्द्र खोले गए हैं। उन्होंने बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को उभारने पर बल दिया। कहा कि आज तकनीकी शिक्षा आवश्यकता बन गई है। सभी को तकनीक
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से जुड़ कर कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। पांच सितंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों तीरंदाजी में उत्तम प्रदर्शन करने पर सम्मानित हुई छात्रा अंजली कुमारी को भी पुरस्कृत किया गया।
साहित्यकार प्रबंध निदेशक कुमार शैलेन्द्र ने आभार जताया। इस मौके पर नरेंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, सच्चिदानंद राय चाचा, रमाकांत राय, प्रधानाचार्य विद्याशंकर तिवारी, अभिषेक सत्यवतम, विवके सत्यमित्रम, बृजनंदन
आदि मौजूद रहे।
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तकनीक विकास की राह में बाधक बन रही है। ये बातेें रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को नगर स्थित रामचंद्र बाल भारती स्कूल के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
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उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों को दक्ष करने के लिए कई स्थानों पर केन्द्र खोले गए हैं। उन्होंने बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को उभारने पर बल दिया। कहा कि आज तकनीकी शिक्षा आवश्यकता बन गई है। सभी को तकनीक
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से जुड़ कर कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। पांच सितंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों तीरंदाजी में उत्तम प्रदर्शन करने पर सम्मानित हुई छात्रा अंजली कुमारी को भी पुरस्कृत किया गया।
साहित्यकार प्रबंध निदेशक कुमार शैलेन्द्र ने आभार जताया। इस मौके पर नरेंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, सच्चिदानंद राय चाचा, रमाकांत राय, प्रधानाचार्य विद्याशंकर तिवारी, अभिषेक सत्यवतम, विवके सत्यमित्रम, बृजनंदन
आदि मौजूद रहे।