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Ghazipur News: जिले में 24 घंटे हुई बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी, कहीं पेड़ गिरा तो कहीं खंभा
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सदर उप निबंधक कार्यालय परिसर में लगा बारिश का पानी। संवाद
गाजीपुर। पिछले 24 घंटे के दौरान शहर समेत ग्रामीण इलाकों में रुक-रुक करीब 28.5 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी रही। वहीं,करीब 1320 बीघा में लगी धान की फसल को नुकसान हुआ है। इस दौरान बेनीपुर में बिजली का खंभा व औडिहार में वाराह मंदिर के पास पेड़ गिर गया। बारिश से करीब 23 गांवों की बत्ती गुल रही। इससे सीधे तौर पर 1.20 लाख की आबादी प्रभावित हुई। बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों समेत सरकारी कार्यालयों व अस्पतालों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में शनिवार को करीब 1.5 एमएम बारिश हुई। शुक्रवार को दिन व रात में करीब 27 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। शुक्रवार की रात में हुई बारिश के चलते शहर के करीब रौजा, लंका, मिश्र बाजार, आलमपट्टी, सब्जीमंडी, बक्सूपुर समेत 10 इलाकों में जलभराव हो गया था। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल, जिला अस्पताल परिसर में जल भराव के कारण शनिवार को मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, जिला पूर्ति, उपनिबंधक, एआईजी स्टांप आदि कार्यालयों में जलभराव होने से अधिकारियों व कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटे की बारिश से करीब दो डिग्री सेल्सियस तक तापमान में कमी आई है। मौसम के मिजाज को देखते हुए ठंड की जल्द दस्तक देने की संभावना है। बताया कि आगामी तीन दिनों तक हल्की व मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि तीन दिनों से हो रही बारिश व हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर प्रभाव पड़ा है, जहां विद्युत पोल व टूटे है उसे मरम्मत कर कर आपूर्ति बहाल करने की कवायद की जा रही है।
शुक्रवार की पूरी रात इन गांवों में गुल रही बिजली-औड़िहार समेत चकिया, नेवादा, पटना, गोपालपुर, शादीभादी, उसरहपार, महमूदपुर, सेमलपुर में 3 अक्तूबर को पूरी रात बिजली नहीं थी। बेनीपुर में 11 हजार लाइन का पोल टूट गया। इसके कारण बेनीपुर, पहाड़ीपुर, बीबीपुर, डेहमा, गडार में शाम 4 बजे से बिजली आपूर्ति ठप रही। देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी। गहमर क्षेत्र में शुक्रवार को पूरी रात क्षेत्र में बिजली नहीं आई। बिजली आपूर्ति ठप होने से गहमर, करहिया, हथौरी, खुदरा, गदाईपुर, बसुका, बकैनिया, पिपरौल, देवकली आदि गांव के लोग प्रभवित हुए।
कई गांवों में धान, उड़द की फसल को पहुंचा नुकसान-औड़िहार में तेज हवा के कारण वराह मंदिर के पास आम का एक पेड़ टूटकर गिर गया। वहीं दुबिहा के हरदासपुर, कमसड़ी, असावर, बखरियाडीह, दुबिहा, नेवादा, सेमरी, भटवा, सरेजा, बिंदवलिया, पाहुपुर इटवा, नेहालपुर, लालपियरी आदि गांवा में 100 बीघा धान की फसल गिर गई। गहमर क्षेत्र में बारिश से 1200 बीघा धान की फसल चौपट हो गई। जबकि 5 बीघा उड़द की फसल सड़ गई। वहीं,भीमापार के जगदीशपुर, विजरवा, बड़ागांव, मंगारी, अतउल्लाहपुर, नसरतपुर, दलीपरायपट्टी में 20 बीघा धान की फसल गिर गई।
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बारिश से फायदा कम, नुकसान ज्यादा-सादात। क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से किसानों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है। पहले पकने वाली धान की फसल को जहां नुकसान पहुंच रहा है, वहीं देर से पकने वाली धान की फसल के लिए यह बरसात सोने में सुहागा का काम कर रही है। डोरिया गांव के किसान कान्ता यादव और ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी धान की फसल तेज हवा और बारिश से गिर गई है। उसमें लगी बालियां पानी में लटक रही है। अब इनके सड़कर नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। संवाद
फसलों की देखभाल करें किसान-गाजीपुर। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह ने बताया कि बारिश लंबी अवधि के धान के फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन अन्य फसलों पपीता, सब्जी, केला व कम अवधि वाली धान के लिए नुकसानदायक है। इसके लिए किसानों को जलनिकासी की व्यवस्था करना चाहिए। खेत में जलभराव कतई नहीं होने देना चाहिए। मौसम साफ होने पर दवा का छिड़काव करें, ताकि जड़ सड़न रोग न होने पाए। संवाद
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शुक्रवार की पूरी रात इन गांवों में गुल रही बिजली-औड़िहार समेत चकिया, नेवादा, पटना, गोपालपुर, शादीभादी, उसरहपार, महमूदपुर, सेमलपुर में 3 अक्तूबर को पूरी रात बिजली नहीं थी। बेनीपुर में 11 हजार लाइन का पोल टूट गया। इसके कारण बेनीपुर, पहाड़ीपुर, बीबीपुर, डेहमा, गडार में शाम 4 बजे से बिजली आपूर्ति ठप रही। देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी। गहमर क्षेत्र में शुक्रवार को पूरी रात क्षेत्र में बिजली नहीं आई। बिजली आपूर्ति ठप होने से गहमर, करहिया, हथौरी, खुदरा, गदाईपुर, बसुका, बकैनिया, पिपरौल, देवकली आदि गांव के लोग प्रभवित हुए।
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कई गांवों में धान, उड़द की फसल को पहुंचा नुकसान-औड़िहार में तेज हवा के कारण वराह मंदिर के पास आम का एक पेड़ टूटकर गिर गया। वहीं दुबिहा के हरदासपुर, कमसड़ी, असावर, बखरियाडीह, दुबिहा, नेवादा, सेमरी, भटवा, सरेजा, बिंदवलिया, पाहुपुर इटवा, नेहालपुर, लालपियरी आदि गांवा में 100 बीघा धान की फसल गिर गई। गहमर क्षेत्र में बारिश से 1200 बीघा धान की फसल चौपट हो गई। जबकि 5 बीघा उड़द की फसल सड़ गई। वहीं,भीमापार के जगदीशपुर, विजरवा, बड़ागांव, मंगारी, अतउल्लाहपुर, नसरतपुर, दलीपरायपट्टी में 20 बीघा धान की फसल गिर गई।
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बारिश से फायदा कम, नुकसान ज्यादा-सादात। क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से किसानों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है। पहले पकने वाली धान की फसल को जहां नुकसान पहुंच रहा है, वहीं देर से पकने वाली धान की फसल के लिए यह बरसात सोने में सुहागा का काम कर रही है। डोरिया गांव के किसान कान्ता यादव और ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी धान की फसल तेज हवा और बारिश से गिर गई है। उसमें लगी बालियां पानी में लटक रही है। अब इनके सड़कर नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। संवाद
फसलों की देखभाल करें किसान-गाजीपुर। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह ने बताया कि बारिश लंबी अवधि के धान के फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन अन्य फसलों पपीता, सब्जी, केला व कम अवधि वाली धान के लिए नुकसानदायक है। इसके लिए किसानों को जलनिकासी की व्यवस्था करना चाहिए। खेत में जलभराव कतई नहीं होने देना चाहिए। मौसम साफ होने पर दवा का छिड़काव करें, ताकि जड़ सड़न रोग न होने पाए। संवाद