फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The dialysis unit itself came on dialysis in a week

एक हफ्ते में खुद डायलिसिस पर आया डायलिसिस यूनिट

Sat, 09 Jul 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jul 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
The dialysis unit itself came on dialysis in a week
गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों के डायलिसिस के लिए मुश्किल से एक सप्ताह पूर्व संचालित यूनिट शनिवार को बिजली सप्लाई न होने से बंद रहा। जेनरेटर में आई खराबी से समस्या उत्पन्न हुई। ऐसे में तेज धूप और तपन से मरीज भटकते रहे। सुबह आठ से कोई सैदपुर तो कोई मुहम्मदाबाद से पहुंचकर दोपहर तक इंतजार करता रहा, लेकिन कोई उनकी पीड़ा सुनने वाला नहीं था। बिजली न रहने के चलते जहां यूनिट अंधेरे में डूबा रहा, वहीं तैनात कर्मचारी भी बेबस दिखाई पड़े। इधर जिला अस्पताल प्रशासन निजी संस्था का यूनिट होने और उसी के द्वारा बिजली की व्यवस्था करने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहा है तो वहीं यूनिट प्रभारी डेढ़ से दो माह तक बिजली सप्लाई देने का वायदा अस्पताल प्रशासन द्वारा किए जाने की बात कह रहे हैं। हालांकि ऐसे में मरीजों के लिए यह पीड़ादायक साबित हो रहा है। किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए जिला अस्पताल के सबसे ऊपरी हिस्से में डायलिसिस यूनिट स्थापित कराया गया है। बीते दो जुलाई को उसका उद्घाटन भी हुआ। ऐसे में गैर प्रांतों एवं गैर जनपदों में जाकर डायलिसिस करा रहे मरीजों में खुशी की लहर दौड़ गई नि:शुल्क और जनपद में ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा। करीब एक सप्ताह तक को स्थितियां ठीक रहीं। लेकिन बिजली आपूर्ति को लेकर एक बार फिर मरीजों के सामने समस्याएं खड़ी होती दिख रही हैं। सुबह आठ बजे डायलिसिस के लिए पहुंचे मरीज अस्पताल खुलते ही यूनिट पर पहुंचे, लेकिन बिजली कटी होने की बात सुनकर हाथ निराशा ही लगी। थोड़ी देर की सोचकर इंतजार करते-करते दोपहर हो गई लेकिन बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। हैरानी की बात तो ये थी कि यूनिट के सामने आइसोलेशन और मेडिकल वार्ड में विद्युत सप्लाई हो रही थी, लेकिन यूनिट में सप्लाई ठप थी। सबसे अधिक परेशानी स्ट्रेचर से अस्पताल के ऊपरी तल पर मरीजों को लेकर पहुंचने वाले तीमारदारों को उठानी पड़ी। बाहर बरामदे में तपन और उमस से बेहाल मरीज बस इसी इंतजार में शाम तक खड़े रहे कि अब बिजली आएगी और वे डायलिसिस कराकर लौटेंगे। लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
विज्ञापन

इस संबंध यूनिट प्रभारी शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति न होने से करीब सात मरीजों को वापस बैरंग जाना पड़ा। जिस तरह से अन्य वार्डों में विद्युत सप्लाई हो रही है। कम से कम यूनिट में भी सप्लाई की जाती तो शायद मरीजों को वापस नहीं लौटना पड़ता। इस संबंध में मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि यूनिट में विद्युत सप्लाई के लिए उन्हें स्वयं जनरेटर की व्यवस्था करनी है। वैसे व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और उसके संचालन को लेकर कार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन

शोपीस बनकर रह गया है लिफ्ट
जिला अस्पताल में लगा लिफ्ट शोपीस बनकर रह गया है। जिला अस्पताल के सबसे ऊपर तल पर स्थापित डायलिसिस यूनिट तक मरीजों को पहुंचाने के लिए तीमारदारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को स्ट्रेचर से वार्डों तक ले जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कोरोना काल के समय से बंद पड़ा लिफ्ट अब तक संचालित नहीं हो सका। जबकि मरीज एवं तीमारदार कई बार अस्पताल प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, बावजूद स्थितियां जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जन औषधि केंद्र पर लगी रही भीड़
जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर इन दिनों मरीजों एवं तीमारदारों की लंबी कतार लग रही है। शनिवार को भी कुछ इसी तरह दृश्य दिखाई पड़ा। एक तरफ जहां महिलाओं की कतार थी। वहीं पुरुष भी दवा लेने के लिए कतार में दिखाई पड़े। इधर जन औषधि केंद्र द्वारा उनके पास उपलब्ध दवाईयों की सूची भी केंद्र के सामने चस्पा कर दी गई है। बावजूद अधिकांश मरीजों को दवा न मिलने की स्थिति में वापस लौटना पड़ा।
जर्जर और क्षतिग्रस्त पड़ा हाइड्रेंट
गाजीपुर। जिला अस्पताल में आग बुझाने के लिए सभी तल पर पाइप लाइन बिछाई गई है। वहीं परिसर में लगा हाइट्रेंट लगा हुआ है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके, लेकिन स्थिति यह है कि वृद्धजन वार्ड के मुख्य गेट पर लगा हाइट्रेंट जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुका है। पानी लगने से वह कई जगहों से खराब हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर तनीक भी सक्रिय नहीं दिखाई पड़ रहे हैं।
सुबह नौ बजे ही पहुंच गई थी, लेकिन बिजली आपूर्ति न होने की स्थिति में इंतजार करते-करते दोपहर के दो बज गए। बिजली कब आएगी, इसको लेकर कोई कुछ नहीं कह रहा है। इधर तेज धूप और उमस से यहां रहना भी मुश्किल हो चुका है।- प्रीति सिंह, बंशीबजार
सुबह आठ बजे से आया हूं। अब लाइट आएगी के इंतजार में दोपहर हो गया। काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। विद्युत आपूर्ति की स्थिति काफी खराब है। सुविधाएं बढ़ाने से नहीं उसके सफल संचालन और मरीजों को दिलाने के बाद ही व्यवस्था को बेहतर कह सकते हैं, लेकिन यहां तो सिर्फ एक-दूसरे के पाले में गेंद फेंककर पल्ला झाड़ लिया जा रहा है।- संतोष कुमार, सैदपुर
पिता जी का डायलिसिस कराने के लिए यूनिट में आई तो पता चला की लाइट ही नहीं है। सुबह दस बजे से इंतजार किया जा रहा है अब विद्युत सप्लाई शुरू हो जाएगी, लेकिन स्थिति तो यह है कि पिता को स्ट्रेचर पर ही लेटाकर इंतजार करना पड़ रहा है।- नेहा यादव, मुहम्मदाबाद

सुबह से ही मरीज आए हुए हैं। विद्युत सप्लाई नहीं आ रही है। करीब सात मरीजों का डायलिसिस होना था। इसकी सूचना जिला अस्पताल प्रशासन को दी गई है, लेकिन दोपहर पर विद्युत की व्यवस्था नहीं हो सकी है।- शत्रुधन सिंह, डायलिसिस यूनिट प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed