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Ghazipur News: एफएसटीपी के लिए 6 महीने में भी विभाग नहीं ढूंढ पाया जमीन
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद में 6 से 10 केएलडी क्षमता का एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण प्रस्तावित है।
इस परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। एफएसटीपी निर्माण के लिए सितंबर 2025 से जमीन तलाशने की कवायद चल रही है। जनपद की 1238 ग्राम पंचायतों में विभाग की ओर से भूमि की तलाश की गई, लेकिन अभी तक उपयुक्त जमीन नहीं मिल सकी है। इसके चलते योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। एफएसटीपी का उद्देश्य गांवों में मल-जल के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था विकसित करना है। इस प्लांट के माध्यम से मल को खाद में परिवर्तित किया जाएगा। यह संयंत्र मल, कीचड़ और सेप्टेज को वैज्ञानिक तरीके से उपचारित करता है।
इसमें ठोस और तरल पदार्थों को अलग कर ठोस को खाद तथा तरल को शुद्ध कर सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाता है। वहीं, जिला पंचायती राज अधिकारी रमेशचंद्र उपाध्याय ने बताया कि एफएसटीपी निर्माण के लिए अभी तक उपयुक्त जमीन नहीं मिल सकी है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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इस परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। एफएसटीपी निर्माण के लिए सितंबर 2025 से जमीन तलाशने की कवायद चल रही है। जनपद की 1238 ग्राम पंचायतों में विभाग की ओर से भूमि की तलाश की गई, लेकिन अभी तक उपयुक्त जमीन नहीं मिल सकी है। इसके चलते योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। एफएसटीपी का उद्देश्य गांवों में मल-जल के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था विकसित करना है। इस प्लांट के माध्यम से मल को खाद में परिवर्तित किया जाएगा। यह संयंत्र मल, कीचड़ और सेप्टेज को वैज्ञानिक तरीके से उपचारित करता है।
इसमें ठोस और तरल पदार्थों को अलग कर ठोस को खाद तथा तरल को शुद्ध कर सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाता है। वहीं, जिला पंचायती राज अधिकारी रमेशचंद्र उपाध्याय ने बताया कि एफएसटीपी निर्माण के लिए अभी तक उपयुक्त जमीन नहीं मिल सकी है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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