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Ghazipur News: निजी एंबुलेंस से शहीद का शव भेजने पर किया चक्काजाम
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फोटो-
-गोमती पुल पर तीन घंटे तक प्रदर्शन, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब,
-भारत माता के जयकारे गूंजे,सैदपुर में गंगा के तट पर हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
भीमापार। सादात थाना क्षेत्र के इकरा-कुड़वा गांव निवासी आर्मी में हवलदार राजेंद्र यादव की ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर रविवार को जन्मभूमि पर लाया गया। शव पहुंचते ही लोग अंतिम दर्शन को उमड़ पड़े। इसी दौरान प्राइवेट एबुलेंस से शव भेजे जाने पर लोग आक्रोशित हो गए और वाराणसी-गाजीपुर जनपद की सीमा पर खरौना स्थित गोमती पुल पर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। देशभिक्त के नारों के बीच मां भारती के लाल को लोगों ने अंतिम विदाई दी। हजारों की भीड़ की मौजूदगी में सैदपुर के जोहरगंज में मोक्षदायिनी मां गंगा नदी के पावन तट पर स्थित श्मशान घाट पर गार्ड आफ आनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
आर्मी में हवलदार राजेंद्र यादव (35) जम्मू कश्मीर के लाला द बाग में तैनात थे। 25 अगस्त को ड्यूटी के दौरान अचानक गिर पड़े। साथी जवान उन्हें हास्पिटल ले गए, लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। अंतिम सांस तक देश सेवा करते हुए लाल की मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। रविवार की सुबह शव आना था, इसलिए गांव सहित क्षेत्र के हजारों लोग खानपुर थाना क्षेत्र के खरौना स्थित गोमती नदी पुल पर पहुंचे।
लेकिन, प्राइवेट एंबुलेंस से पार्थिव शरीर आता देख लोग आक्रोशित हो गए और पुल पर जाम कर दिया। हालांकि सभी को समझा-बुझाकर प्रशासन ने शांत कराया, जिसके चलते तीन घंटे बाद पार्थिव शरीर लेकर लोग सुबह 11 बजे इकरा-कुड़वा गांव पहुंचे। जहां घर पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अंतिम दर्शन को बेताब था। परिजनों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
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पत्नी रीता देवी और मां नागेश्वरी देवी धाड़ें मारकर रो रही थी। वहीं, करीब डेढ़ घंटे बाद पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार और परिजन निकले। लोग भारत माता की जय, भारत माता की जय का नारा लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में भी जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर अंतिम विदाई दी। अंत में सैदपुर के जोहरगंज स्थि श्मशान घाट पर गार्ड आफ ऑनर के साथ किया गया।
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-गोमती पुल पर तीन घंटे तक प्रदर्शन, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब,
-भारत माता के जयकारे गूंजे,सैदपुर में गंगा के तट पर हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
भीमापार। सादात थाना क्षेत्र के इकरा-कुड़वा गांव निवासी आर्मी में हवलदार राजेंद्र यादव की ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर रविवार को जन्मभूमि पर लाया गया। शव पहुंचते ही लोग अंतिम दर्शन को उमड़ पड़े। इसी दौरान प्राइवेट एबुलेंस से शव भेजे जाने पर लोग आक्रोशित हो गए और वाराणसी-गाजीपुर जनपद की सीमा पर खरौना स्थित गोमती पुल पर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। देशभिक्त के नारों के बीच मां भारती के लाल को लोगों ने अंतिम विदाई दी। हजारों की भीड़ की मौजूदगी में सैदपुर के जोहरगंज में मोक्षदायिनी मां गंगा नदी के पावन तट पर स्थित श्मशान घाट पर गार्ड आफ आनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
आर्मी में हवलदार राजेंद्र यादव (35) जम्मू कश्मीर के लाला द बाग में तैनात थे। 25 अगस्त को ड्यूटी के दौरान अचानक गिर पड़े। साथी जवान उन्हें हास्पिटल ले गए, लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। अंतिम सांस तक देश सेवा करते हुए लाल की मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। रविवार की सुबह शव आना था, इसलिए गांव सहित क्षेत्र के हजारों लोग खानपुर थाना क्षेत्र के खरौना स्थित गोमती नदी पुल पर पहुंचे।
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लेकिन, प्राइवेट एंबुलेंस से पार्थिव शरीर आता देख लोग आक्रोशित हो गए और पुल पर जाम कर दिया। हालांकि सभी को समझा-बुझाकर प्रशासन ने शांत कराया, जिसके चलते तीन घंटे बाद पार्थिव शरीर लेकर लोग सुबह 11 बजे इकरा-कुड़वा गांव पहुंचे। जहां घर पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अंतिम दर्शन को बेताब था। परिजनों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
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पत्नी रीता देवी और मां नागेश्वरी देवी धाड़ें मारकर रो रही थी। वहीं, करीब डेढ़ घंटे बाद पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार और परिजन निकले। लोग भारत माता की जय, भारत माता की जय का नारा लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में भी जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर अंतिम विदाई दी। अंत में सैदपुर के जोहरगंज स्थि श्मशान घाट पर गार्ड आफ ऑनर के साथ किया गया।