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पशुशाला में बदइंतजामी से हो रही है गोवंश की मौत, गड्ढे में फेंके जा रहे हैं उनके शव

Wed, 24 Nov 2021 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:33 PM IST
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The cows are dying due to mismanagement in the cattle shed, their bodies are being thrown in the pit.
पशुओं के रख रखाव के बाबत डीएम के निर्देशों की हनक सैदपुर ब्लाक कार्यालय के पास मौजूद अस्थायी गौशाला की व्यवस्था पर नहीं दिख रही है। यहां रखे गए गोवंश ठंड और भूख के चलते मर रहें, लेकिन उनके चारे और समुचित इलाज की व्यवस्था करने वाला कोई नहीं है।
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हालत यह है कि संरक्षण के नाम पर रखे गए पशुओं के साथ यहां घोर लापरवाही बरती जा रही है। अपनी दीनदशा के सहारे वे जीने को मजबूर हैं। भूख से असक्त और बीमार होकर जब वह दम तोड़ देते हैं, तब परिसर में ही बने गड्ढों में उनके शवों को फेंक दिया जाता है। ठंड से बचाव का कोई उपाय नहीं है। न ही तिरपाल है और न ही अलाव। बेजुबान ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। पशुओं का पेट भरने के लिए उन्हें सूखा भूसा दिया जा रहा है। पशुओं का इलाज रामभरोसे है। लोगों का कहना है कि पशुओं के बीमार होने की जानकारी देने के बाद भी पशु चिकित्सक यहां इलाज करना तो दूर, झांकने तक नहीं आते। चारे और आहार के अभाव में पशु कमजोर होकर जमीन पर गिर पड़ते हैं, ऐसे समय में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं रहता है। फिर बीमारी की हालत में वे कई दिनों तक जमीन पर पड़े रहकर आखिरी सांस गिनते हैं। उनकी बदहाल और मरणासन्न स्थिति को झांकने भी वहां संबंधित विभाग से कोई नहीं जाता। हालत यह है कि गौशाला में दुर्गंध और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गौशाला से जानवरों को न भागने देने के लिए वहां बैरिकेट तो कर दिया गया है लेकिन ठंडी हवाओं से बचने के लिए तिरपाल की व्यवस्था नहीं होने से रात में चल रही ठंड हवा में वे ठिठुरने को मजबूर हैं।
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कोल्ड स्टोर में बनी गौशाला में एक लंबी चरनी बनी है जो सूखे भूसे से भरी पड़ी है। इसके अलावा स्टोर के छत के नीचे रखी तमाम हौदियों में भूसे का एक कणमात्र भी नहीं है। ऐसे में खाली हौदियों में मुंह मारकर खाली पेट गोवंश लौट जाते हैं। लोगों ने बताया कि गौशाला में जितने जानवर काल कवलित हो जाते हैं। उतनी संख्या में बाहर सड़कों पर टहल रहे जानवरों को गिनती पूरी दिखाने के लिए गौशाला के अंदर ठूंस दिया जाता है।
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सैदपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र के प्रभारी डा. सुनील शुक्ला ने भी गौशाला में बीमारी से परेशान गोवंशों के इलाज को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंन बताया कि जानवर इस समय किटोसिस नामक बीमारी से परेशान हैं। इस बीमारी में निगेटिव एलर्जी बैलेंस का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह की बीमारी में तो आदमी को भी बचा पाना मुश्किल हो जाता है।

सैदपुर ब्लाक कार्यालय के पास कोल्ड स्टोरेज में बने गौशाला में जानवरों की बदइंतजामी को लेकर सैदपुर के खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि समय-समय पर गोशाला का निरीक्षण करने वह भी जाते हैं। पशुओं के चारे, इलाज और उनके रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोगों को निर्देशित कर दिया गया है।
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