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लापरवाही में बेनूर हो रहे शहर के पार्क
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गाजीपुर। शहर के पार्कों पर लापरवाही की गर्द जम गई है। देखरेख के अभाव में ज्यादातर पार्क बदहाल हो गए हैं। सरकार पार्कों को विकसित करने की कोशिशों में जुटी है। खेलकूद से संबंधित व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं शहर के पार्कों में कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों को बैठने के लिए लगाए गए बेंच भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पार्कों में पीने के लिए पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका की लापरवाही का दंश लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
दशकों पूर्व नगर के विभिन्न मुहल्लों में करीब आधा दर्जन पार्कों का निर्माण कराया गया था। मुहल्लेवासी सुबह-शाम यहां फुरसत के कुछ पल बिताते थे। बच्चे खेलते कूदते थे। कभी ये पार्क मुहल्लों के सौंदर्य में चार चांद लगाते थे, लेकिन मौजूदा समय में इन पार्कों की हालत काफी खराब हो चुकी है। शहर की प्रमुख कालोनी में शुमार आमघाट स्थित गांधी पार्क अपनी रंगत खो चुका है। यहां बैठने के लिए लगा बेंच क्षतिग्रस्त हो चुका है। बच्चों के खेलने के लिए झूला टूटकर पहले से समाप्त हो चुका है। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। साफ-सफाई के अभाव में जगह-जगह जंगली घास उग आई है। पार्क पूरी तरह बदहाल हो चुका है। कमोवेश यही हाल गोराबाजार, पीरनगर, विवेकानंद कालोनी और रिवर बैैंक कॉलोनी में स्थापित पार्क की है। यहां भी पार्क खूबसूरती खोते जा रहे हैं। कचहरी स्थित सरजू पांडेय पार्क की भी स्थिति खराब है। रंगाई-पुताई के अभाव में इन पार्कों की चहारदीवारी बदरंग हो चुकी है। एक-दो पार्कों को छोड़ दिया जाए तो पार्कों में लोगों के टहलने के लिए पाथ-वे तक की व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से इन पार्कों की बदहाली दूर करने को लेकर ठोस कदम न उठाए जाने से स्थिति खराब होती जा रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल ने कहा कि गांधी पार्क और सरजू पांडेय पार्क को अमृत योजना के तहत सुंदरीकरण के लिए शामिल किया गया है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार है। इनमें खेलकूद की सुविधा के साथ सुंदरीकरण होगा। इसके लिए टेंडर कर दिया गया है। विभाग जल्दी ही पार्कों का काम शुरू कराएगा।
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दशकों पूर्व नगर के विभिन्न मुहल्लों में करीब आधा दर्जन पार्कों का निर्माण कराया गया था। मुहल्लेवासी सुबह-शाम यहां फुरसत के कुछ पल बिताते थे। बच्चे खेलते कूदते थे। कभी ये पार्क मुहल्लों के सौंदर्य में चार चांद लगाते थे, लेकिन मौजूदा समय में इन पार्कों की हालत काफी खराब हो चुकी है। शहर की प्रमुख कालोनी में शुमार आमघाट स्थित गांधी पार्क अपनी रंगत खो चुका है। यहां बैठने के लिए लगा बेंच क्षतिग्रस्त हो चुका है। बच्चों के खेलने के लिए झूला टूटकर पहले से समाप्त हो चुका है। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। साफ-सफाई के अभाव में जगह-जगह जंगली घास उग आई है। पार्क पूरी तरह बदहाल हो चुका है। कमोवेश यही हाल गोराबाजार, पीरनगर, विवेकानंद कालोनी और रिवर बैैंक कॉलोनी में स्थापित पार्क की है। यहां भी पार्क खूबसूरती खोते जा रहे हैं। कचहरी स्थित सरजू पांडेय पार्क की भी स्थिति खराब है। रंगाई-पुताई के अभाव में इन पार्कों की चहारदीवारी बदरंग हो चुकी है। एक-दो पार्कों को छोड़ दिया जाए तो पार्कों में लोगों के टहलने के लिए पाथ-वे तक की व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से इन पार्कों की बदहाली दूर करने को लेकर ठोस कदम न उठाए जाने से स्थिति खराब होती जा रही है।
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नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल ने कहा कि गांधी पार्क और सरजू पांडेय पार्क को अमृत योजना के तहत सुंदरीकरण के लिए शामिल किया गया है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार है। इनमें खेलकूद की सुविधा के साथ सुंदरीकरण होगा। इसके लिए टेंडर कर दिया गया है। विभाग जल्दी ही पार्कों का काम शुरू कराएगा।
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