फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The building is dilapidated, neither electricity nor water... this is the government hospital, Unani

भवन जर्जर, न बिजली न पानी...ये है राजकीय चिकित्सालय यूनानी

Tue, 05 Apr 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
The building is dilapidated, neither electricity nor water... this is the government hospital, Unani
भीमापार। स्थानीय बाजार में स्थित राजकीय यूनानी चिकित्सालय बदहाल है। यहां बिजली, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है। इतना ही नहीं भवन जर्जर हाल में है जिससे चिकित्सक तथा कर्मचारी दहशत में हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र दिया बावजूद इसके हालत नहीं सुधरी।
विज्ञापन

सादात विकासखंड क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर भीमापार बाजार में वर्ष 1962-63 में जब राजकीय यूनानी चिकित्सालय की स्थापना कराई गई तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी, लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं का अकाल है। भवन के जर्जर होने के कारण चिकित्सक तथा स्वास्थ्य कर्मी हमेशा दहशत में जी रहे हैं। वह अंदर बैठने से कतराते हैं, उन्हें हमेशा अनहोनी की चिंता सताती रहती है। अस्पताल परिसर में शुद्ध पानी की व्यवस्था तक नहीं है। परिसर में हैंडपंप तो लगा है लेकिन दूषित पानी उगल रहा है जिससे मरीजों को शुद्ध पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल परिसर करीब पांच बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है लेकिन चारदीवारी न होने से आसपास के लोग अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं। परिसर में छुट्टा एवं आवारा पशु घूमते रहते हैं। इसकी सूचना कई बार दी गई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन

यूनानी चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि भवन की छत पूरी तरह से जर्जर हो गई है। कमरे के अंदर बैठकर मरीज देखना खतरनाक लगता है। कभी भी किसी हादसे की आशंका से सभी भयग्रस्त रहते हैं। केवल मुख्यद्वार के दरवाजा को छोड़कर सारी खिड़कियां, दरवाजे की लकड़ी या तो दीमक खा गए या सड़ गए, इस कारण यह रात में और भी असुरक्षित हो जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष ही अस्पताल की मरम्मत या नए भवन के लिए विभाग को पत्र लिखकर धन आवंटित करने की मांग की गई थी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी स्थलीय निरीक्षण और नाप जोखकर ले गए लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक बजट का आवंटन नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल दवाओं तथा अन्य सुविधाओं से तो पूर्ण है लेकिन भवन जर्जर होने के कारण दवाओं के रखरखाव, अभिलेखों की हिफाजत में परेशानी हो रही है। मरीज यहां आने से कतराते हैं। भीमापार के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष यादव ने कहा कि अगर इस अस्पताल की मरम्मत या नव निर्माण जल्द नहीं कराया गया तो किसी हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed