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Ghazipur News: घर से भागा बालक अनाथ बनकर पटना रहने लगा, 52 दिन बाद लौटा

Sat, 30 Nov 2024 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:32 AM IST
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The boy who ran away from home became an orphan and started living in Patna, returned after 52 days.
गाजीपुर। पिता की डांट-फटकार से नाराज होकर एक बालक आठ अक्तूबर को ट्रेन से पटना चला गया। वहां खुद को अनाथ बताते हुए एक ठेकेदार के घर रहने लगा। उसका नाम विद्यालय में लिखवाने के लिए शरण देने वाले व्यक्ति ने आधार कार्ड बनवाने की कोशिश की तो उसकी सच्चाई सामने आ गई। बालक की खोजबीन में कई राज्य खंगाल चुकी पुलिस की टीम 52 दिन बाद पटना (बिहार) पहुंची और बालक को बरामद कर शुक्रवार को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फुल्ली गांव निवासी 12 वर्षीय बालक आठ अक्तूबर की शाम करीब चार बजे लापता हो गया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर तलाशी शुरू कर दी। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बालक की बरामदगी के लिए टीमें लगा दी। क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवाकांत मिश्रा और स्वाट टीम प्रभारी प्रमोद सिंह की अगुवाई में टीम बिहार, उत्तराखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन करने के लिए गई। साथ ही सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी देकर गुमशुदा बालक की तलाश करने की कोशिश में लगी रही। इसी बीच 28 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली कि गायब बालक पटना में एक व्यक्ति के पास सुरक्षित है। तत्काल पुलिस टीम पटना पहुंची और व्यक्ति के पास से बालक को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया। एसपी ने बताया कि गुमशुदा बालक परिवार के लोगों की डांट-फटकार से नाराज होकर घर से निकल गया था। वह ट्रेन से पटना पहुंचा। जहां एक ठेकेदार (पंडित) को मिला और उसने खुद को अनाथ बताया। बालक की दशा देखकर वह अपने घर ले गए और बालक वहीं रहने लगा। उसकी पढ़ाई के लिए आधार कार्ड बनवाने पहुंचे तो अंगूठा लगाते ही बच्चे का पूरा विवरण सामने आ गया। इसके बाद शरणदाता ने पुलिस से संपर्क किया।
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पांच दिन पहले पीड़ित परिवार को ऑनलाइन ठगने की हुई थी कोशिश
एसपी ने बताया कि बालक के परिवार के लोग खोजबीन में लगे थे। परिवार के लोग सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों पर भी उसकी फोटो अपलोड कर खोजने की अपील कर रहे थे। इसी बीच पांच दिन पहले ही ट्रक चालक और जमानिया थाना क्षेत्र के हरपुर नई बस्ती निवासी सत्य प्रकाश ने पीड़ित परिवार से ठगी करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उसने बिहार निवासी ट्रक के साथ रहने वाले खलासी की मोबाइल से फोन किया। कहां तुम्हारी खुशी मेरे पास है, अगर तुम अपनी खुशी चाहते हो तो पांच लाख रुपये दे दो। पुलिस के पास गए तो बेटे की हत्या कर देंगे। परेशान परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को जी तो सर्विलांट, स्वांट और क्राइम ब्रांच की टीम ने अगले दिन उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने ठगी करने की कोशिश की बात स्वीकार की।
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