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सफेद हाथी साबित हो रहा प्रेक्षागृह, अब तक नहीं हुआ पूर्ण
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गाजीपुर। नगर के विकास भवन के पास बन रहा प्रेक्षागृह सफेद हाथी साबित होता दिख रहा है। वर्ष 2016 में निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन छह वर्ष बाद भी कब तक पूर्ण होगा इसको लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य की धीमी गति ने निर्माण कार्य को अधर में लटका दिया है। ऐसे में इस वित्तीय वर्ष तक भी पूर्ण होने की राह दूर-दूर तक नहीं दिखाई पड़ रही है।
जिला मुख्यालय पर सांस्कृतिक गतिविधियों के बढ़ावा देने के लिए शासन ने अगस्त 2016 को प्रेक्षागृह (आडिटोरियम) का निर्माण करने की स्वीकृति दी थी। निर्माण कार्य के लिए आठ करोड़ 41 लाख की लागत निर्धारित की गई थी। निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई थी। प्रेक्षागृह में एक भव्य स्टेट, स्वागत कक्ष, ग्रीन रूम, बैठने की सुविधा, शौचालय सहित प्रोजेक्टर रूम का निर्माण होना है। कार्यदायी संस्था को मार्च 2017 से मार्च 2019 तक कई किस्तों में धनराशि भी जारी की गई थी। दिसंबर 2020 में कार्यदायी संस्था को एक करोड़ 70 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए थे। अब तक करीब छह करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की धनराशि कार्यदायी संस्था को दी जा चुकी है। प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य जुलाई 2021 में पूरा होना था, लेकिन कार्य की धीमी गति से इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी शेड का निर्माण, प्रोजेक्टर रूम और शौचालय का निर्माण के साथ फिनिशिंग और अन्य कार्य शेष है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की माने तो प्रेक्षागृह को आठ करोड़ 41 लाख रुपये में पूर्ण कराना है। ऐसे में शासन की ओर से 2017 मार्च, 2018 मार्च, 2019 मार्च और 2020 तक छह करोड़ 48 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए थे। कार्यदायी संस्था जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के लिए कार्य की रफ्तार तेज करने का दावा कर रही है। प्रेक्षागृह में एक साथ 600 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। चेंज रूम का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थान नहीं तलाशनी होगी। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि तीसरी किस्त के लिए कार्यदायी संस्था द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन द्वारा किस्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया जाएगा।
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जिला मुख्यालय पर सांस्कृतिक गतिविधियों के बढ़ावा देने के लिए शासन ने अगस्त 2016 को प्रेक्षागृह (आडिटोरियम) का निर्माण करने की स्वीकृति दी थी। निर्माण कार्य के लिए आठ करोड़ 41 लाख की लागत निर्धारित की गई थी। निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई थी। प्रेक्षागृह में एक भव्य स्टेट, स्वागत कक्ष, ग्रीन रूम, बैठने की सुविधा, शौचालय सहित प्रोजेक्टर रूम का निर्माण होना है। कार्यदायी संस्था को मार्च 2017 से मार्च 2019 तक कई किस्तों में धनराशि भी जारी की गई थी। दिसंबर 2020 में कार्यदायी संस्था को एक करोड़ 70 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए थे। अब तक करीब छह करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की धनराशि कार्यदायी संस्था को दी जा चुकी है। प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य जुलाई 2021 में पूरा होना था, लेकिन कार्य की धीमी गति से इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी शेड का निर्माण, प्रोजेक्टर रूम और शौचालय का निर्माण के साथ फिनिशिंग और अन्य कार्य शेष है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की माने तो प्रेक्षागृह को आठ करोड़ 41 लाख रुपये में पूर्ण कराना है। ऐसे में शासन की ओर से 2017 मार्च, 2018 मार्च, 2019 मार्च और 2020 तक छह करोड़ 48 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए थे। कार्यदायी संस्था जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के लिए कार्य की रफ्तार तेज करने का दावा कर रही है। प्रेक्षागृह में एक साथ 600 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। चेंज रूम का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थान नहीं तलाशनी होगी। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि तीसरी किस्त के लिए कार्यदायी संस्था द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन द्वारा किस्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया जाएगा।
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