{"_id":"6a246e40236ebcd4160ab11a","slug":"the-accused-was-sentenced-to-10-years-in-prison-and-fined-rs-40000-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-153783-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
विज्ञापन
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम रामअवतार प्रसाद ने शनिवार नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साथ ही अर्थदंड की राशि से 50 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
खानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दिया कि उसकी नाबालिग पुत्री से एक युवक फोन पर बात करता था। पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर में बताया कि 24 सितंबर 2018 की सुबह 10 बजे आरोपी युवक पुत्री को बहलाफुसला कर भगा ले गया।
वादी की सूचना पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना शुरू की और पीड़िता को खोज निकाला। पीड़िता ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि गांव का ही गौतम भगा ले गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने पीड़िता का डॉक्टर का परीक्षण कराकर न्यायालय में बयान अंकित कराया और आरोपी गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
इसके बाद न्यायालय में सात गवाहों ने गवाही दी। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाते हुए दोषी गौतम को जेल भेज दिया। संवाद
विज्ञापन
खानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दिया कि उसकी नाबालिग पुत्री से एक युवक फोन पर बात करता था। पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर में बताया कि 24 सितंबर 2018 की सुबह 10 बजे आरोपी युवक पुत्री को बहलाफुसला कर भगा ले गया।
विज्ञापन
वादी की सूचना पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना शुरू की और पीड़िता को खोज निकाला। पीड़िता ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि गांव का ही गौतम भगा ले गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने पीड़िता का डॉक्टर का परीक्षण कराकर न्यायालय में बयान अंकित कराया और आरोपी गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
इसके बाद न्यायालय में सात गवाहों ने गवाही दी। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाते हुए दोषी गौतम को जेल भेज दिया। संवाद