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अफजाल के मामले में दो की गवाही, बाकी की 21 को
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गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को 21 साल पुराने विधि विरुद्ध जमाव व तोड़फोड़ के मामले में तत्कालीन विधायक व वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी समेत अन्य के मामले में अभियोजन की तरफ से जयनरायण सिंह यादव और रमेश कुमार पांडेय की गवाही हुई। बाकी गवाही के लिए 21 नवंबर की तिथि नियत की गई है।
अभियोजन के अनुसार, 9 अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे। उनके मुहम्मदाबाद एसडीएम के कार्यालय पहुंचने की सूचना पर तत्कालीन सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
उन लोगों को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भी वे घुस गए और दरवाजा खिड़की के शीशे, बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो भीड़ में सम्मलित होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने थाना मुहम्मदाबाद में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना के बाद आरोप पत्र प्रेषित किया गया। विगत तिथि को दो गवाहों की गवाही हुई। सोमवार को एक की गवाही हुई।
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मुख्तार के मामले में अगली बहस 15 को होगी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपीएमएलए रामसुध सिंह की अदालत में 1996 के गैंगेस्टर के मुकदमे में मुख्तार अंसारी व भीम सिंह के बयान का अवसर समाप्त करते हुए बहस के लिए न्यायालय द्वारा पीठासीन अधिकारी के अवकाश के कारण 15 नवंबर की तिथि बहस के लिए नियत की गई है।
मालूम हो कि तीन अगस्त 1991 दोपहर करीब एक बजे अजय राय अपने भाई अवधेश राय के साथ वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। वे लोग गाड़ी से उतरे और ताबड़तोड़ अवधेश राय पर फायर कर दिया । सभी के हाथ में असलहे थे। अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया। इसके बाद सभी लोग गाड़ी छोड़कर भाग गए। अजय राय अपने भाई को कबीर चौरा अस्पताल ले गए जहां पर मृत घोषित कर दिया गया। इन्हीं मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया। इस मामले का विचारण अदालत में चल रहा है।
सांसद पप्पू यादव के मामले में बयान दर्ज, अगली सुनवाई 21 को
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को बिहार के तत्कालीन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित कुल आठ लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में सोमवार अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी भैया प्रेम जी ने गवाह उपनिरीक्षक भगवती प्रसाद का बयान दर्ज कराया। जिरह के लिए21 नवंबर की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि 8 नवंबर 1993 को सुबह 10:30 बजे मुहम्मदाबाद थाना इलाके के शाहनिंदा चौराहे पर विधि विरुद्ध तरीके से भीड़ जुटाकर सार्वजनिक मार्ग जाम कर नारेबाजी और फायरिंग कर चक्का जाम कर दिया गया। जिसको रोकने गए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई की गई। इस संबंध में थाना मुहम्मदाबाद में 127 लोगों को नामजद किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया।
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अभियोजन के अनुसार, 9 अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे। उनके मुहम्मदाबाद एसडीएम के कार्यालय पहुंचने की सूचना पर तत्कालीन सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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उन लोगों को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भी वे घुस गए और दरवाजा खिड़की के शीशे, बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो भीड़ में सम्मलित होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने थाना मुहम्मदाबाद में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना के बाद आरोप पत्र प्रेषित किया गया। विगत तिथि को दो गवाहों की गवाही हुई। सोमवार को एक की गवाही हुई।
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मुख्तार के मामले में अगली बहस 15 को होगी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपीएमएलए रामसुध सिंह की अदालत में 1996 के गैंगेस्टर के मुकदमे में मुख्तार अंसारी व भीम सिंह के बयान का अवसर समाप्त करते हुए बहस के लिए न्यायालय द्वारा पीठासीन अधिकारी के अवकाश के कारण 15 नवंबर की तिथि बहस के लिए नियत की गई है।
मालूम हो कि तीन अगस्त 1991 दोपहर करीब एक बजे अजय राय अपने भाई अवधेश राय के साथ वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। वे लोग गाड़ी से उतरे और ताबड़तोड़ अवधेश राय पर फायर कर दिया । सभी के हाथ में असलहे थे। अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया। इसके बाद सभी लोग गाड़ी छोड़कर भाग गए। अजय राय अपने भाई को कबीर चौरा अस्पताल ले गए जहां पर मृत घोषित कर दिया गया। इन्हीं मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया। इस मामले का विचारण अदालत में चल रहा है।
सांसद पप्पू यादव के मामले में बयान दर्ज, अगली सुनवाई 21 को
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को बिहार के तत्कालीन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित कुल आठ लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में सोमवार अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी भैया प्रेम जी ने गवाह उपनिरीक्षक भगवती प्रसाद का बयान दर्ज कराया। जिरह के लिए21 नवंबर की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि 8 नवंबर 1993 को सुबह 10:30 बजे मुहम्मदाबाद थाना इलाके के शाहनिंदा चौराहे पर विधि विरुद्ध तरीके से भीड़ जुटाकर सार्वजनिक मार्ग जाम कर नारेबाजी और फायरिंग कर चक्का जाम कर दिया गया। जिसको रोकने गए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई की गई। इस संबंध में थाना मुहम्मदाबाद में 127 लोगों को नामजद किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया।