{"_id":"61df0d4e6815b565de1adda3","slug":"ten-years-rigorous-punishment-for-the-misdemeanor-fine-ghazipur-news-vns633210920","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुराचारी को दस वर्ष की कठोर सजा, अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुराचारी को दस वर्ष की कठोर सजा, अर्थदंड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम विष्णुचंद्र वैश्य की अदालत ने बुधवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी मोहम्मद परवेज उर्फ विक्की को 10 साल की कठोर कारावास और 50000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई हैै। साथ ही अर्थदंड की धनराशि से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार नगर कोतवाली के एक मुहल्ले की एक महिला ने तहरीर देकर बताया था कि नाबालिग पुत्री 9 मार्च 2019 की शाम से गायब थी। काफी खोजबीन करने पर भी पता नहीं चल सका। बाद में जानकारी हुई कि पड़ोस का ही परवेज उर्फ विक्की पुत्री को बहलाफुसला कर भगा ले गया। वादनी की सूचना पर कोतवाली में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के दौरान नाबालिग को बरामद कर लिया और न्यायालय में पेश किया। जहां पीड़िता ने आप बीती बताई। पीड़िता के बयान के आधार पर विवेचक ने दुष्कर्म का मामला पाते हुए आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल छह गवाहों को पेश किया। सभी ने बयान न्यायालय में दर्ज कराया और घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार नगर कोतवाली के एक मुहल्ले की एक महिला ने तहरीर देकर बताया था कि नाबालिग पुत्री 9 मार्च 2019 की शाम से गायब थी। काफी खोजबीन करने पर भी पता नहीं चल सका। बाद में जानकारी हुई कि पड़ोस का ही परवेज उर्फ विक्की पुत्री को बहलाफुसला कर भगा ले गया। वादनी की सूचना पर कोतवाली में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के दौरान नाबालिग को बरामद कर लिया और न्यायालय में पेश किया। जहां पीड़िता ने आप बीती बताई। पीड़िता के बयान के आधार पर विवेचक ने दुष्कर्म का मामला पाते हुए आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल छह गवाहों को पेश किया। सभी ने बयान न्यायालय में दर्ज कराया और घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया।
विज्ञापन