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जिले में जल्द स्थापित होगी दस टीबी यूनिट
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:45 PM IST
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राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम का मूल्यांकन करने आई टीम ने शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. अशोक चंद्र से उनके कैंप कार्यालय पर मुलाकात की। इस दौरान हुई बैठक में कार्यक्रम को संचालित करने में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया
गया। टीम ने 9 से 12 दिसंबर तक किए गए मूल्यांकन की रिपोर्ट भी दी। इस दौरान जिलाधिकारी ने जिले में लैब और दस टीबी यूनिट स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक में राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम की उपलब्धियों पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने जिले में लैब और 10 टीबी यूनिट जल्द स्थापित कराने के लिए निर्देश दिया। मूल्यांकन के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण के बारे में चर्चा की
गई। अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय देने पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी पुनरक्षित कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके बाद जिला क्षय रोग केंद्र पर डॉ. आलोक रंजन की
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अध्यक्षता में अधिकारियों एवं कर्मचारियों और मूल्यांकन समिति की बैठक हुई। इसमें कार्यक्रम के संचालन में आने वाली दक्कितों का निराकरण करने पर चर्चा की गई। राज्य क्षय नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी ने ब्लाक पर तैनात सभी
कर्मचारियों को नियमित क्षेत्र में भ्रमण करने और टीबी के मरीजों का पहचान कर समय से इलाज प्रारंभ करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. आलोक रंजन, मुख्य
चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. केके वर्मा और मूल्यांकन टीम के सदस्य शामिल थे जबकि इसके बाद हुई बैठक में डॉ. डीपी सिन्हा, डॉ. डीपी सिंह, सुनील वर्मा, कमलेश कुमार, नीरा राय आदि मौजूद रहीं।
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गया। टीम ने 9 से 12 दिसंबर तक किए गए मूल्यांकन की रिपोर्ट भी दी। इस दौरान जिलाधिकारी ने जिले में लैब और दस टीबी यूनिट स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक में राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम की उपलब्धियों पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने जिले में लैब और 10 टीबी यूनिट जल्द स्थापित कराने के लिए निर्देश दिया। मूल्यांकन के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण के बारे में चर्चा की
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गई। अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय देने पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी पुनरक्षित कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके बाद जिला क्षय रोग केंद्र पर डॉ. आलोक रंजन की
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अध्यक्षता में अधिकारियों एवं कर्मचारियों और मूल्यांकन समिति की बैठक हुई। इसमें कार्यक्रम के संचालन में आने वाली दक्कितों का निराकरण करने पर चर्चा की गई। राज्य क्षय नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी ने ब्लाक पर तैनात सभी
कर्मचारियों को नियमित क्षेत्र में भ्रमण करने और टीबी के मरीजों का पहचान कर समय से इलाज प्रारंभ करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. आलोक रंजन, मुख्य
चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. केके वर्मा और मूल्यांकन टीम के सदस्य शामिल थे जबकि इसके बाद हुई बैठक में डॉ. डीपी सिन्हा, डॉ. डीपी सिंह, सुनील वर्मा, कमलेश कुमार, नीरा राय आदि मौजूद रहीं।