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Ghazipur News: लेकर महादेव का नाम पहुंचे कांवड़िये महाहर धाम

Sun, 27 Aug 2023 11:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:25 PM IST
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Taking the name of Mahadev, the kanwariyas reached Mahahar Dham
सावन का आखिरी सोमवार आज, हर-हर महादेव और बोलबम के नारों से गूंजे शहर और गांव
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। सावन के अंतिम सोमवार पर जिले के शहर और गांव के शिवालयों में देवाधिदेव को जलाभिषेक करने का तांता लगा रहेगा। रविवार को शहर में ददरीघाट और चीतनाथ घाट पर स्नान करने के बाद बड़ी संख्या में कांवड़ियों का जत्था पैदल महाहर धाम को रवाना हुआ। इससे शहर में ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव, बोल बम के जयकारे गूंजते रहे।
शहर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के शिवभक्त पूरे सावन माह के हर सोमवार को भगवान शंकर को जलाभिषेक करने के लिए जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर मरदह स्थित महाहर धाम सहित अन्य शिवालयों में जाते हैं। रविवार को बड़ी संख्या में कावंड़िए विभिन्न साधनों से शहर में पहुंचे। मिश्रबाजार और ददरीघाट सहित अन्य जगहों पर लगी पूजन सामग्री की दुकानों से सामग्री खरीदने के बाद ददरीघाट, चीतनाथ सहित अन्य घाटों पर पहुंचे।
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वहां गंगा स्नान कर कांवर में जल भरकर महाहर धाम के लिए रवाना हुए। इन कावंड़ियों में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ ही महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल थे। कावंड़ियों के महाहर धाम रवाना होने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। शिव भक्त हर-हर महादेव एवं बोल-बम का जयघोष करते हुए सोमवार की भोर में महाहर धाम पहुंचेंगे। इसी तरह शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों में भी देवाधिदेव के दर्शन-पूजन की दिन भर धूम रहेगी।
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अंतिम सोमवार विशेष फलदाई
गाजीपुर। सावन माह का अंतिम सोमवार महासुखद संयोग में सोम प्रदोष के साथ पड़ रहा है। ऐसे में भगवान शिव की आराधना करने से न सिर्फ महादेव की कृपा प्राप्त होगी बल्कि अन्य ग्रहों की प्रतिकूलता भी शांत हो जाएगी। स्कंदपुराण के अनुसार भगवान शिव का सायंकालीन पूजन विशेष फलदाई होता है। पंडित मुनिंद्र नाथ उपाध्याय बताते हैं कि भगवान शिव का प्रदोषकाल अर्थात सायंकालीन पूजन विशेष फलदाई होता है। सोमवार को सोम प्रदोष के दिन यदि बिल्वपत्र, अक्षत, दूध, पंचामृत, शमी, दूर्वा, मदार, भांग आदि चढ़ाकर शिवार्चन किया जाय तो ग्रहों की प्रतिकूलता दूर होगी भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त होगी। भगवान शिव के पूजन के पूर्व गणेश का व शिव के साथ माता पार्वती का भी पूजन करना चाहिए। शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव के अनंत नाम है फिर भी उनके जो आठ पुण्यदायी नाम बतलाए गए है उनमें सर्व, भव, रूद्र, उग्र, भीम, पशुपति, ईशान और महादेव प्रमुख हैं, जो भी मनुष्य भगवान शिव के इन आठ नामो का जाप करता है व भगवान शिव का अर्चन करते हुए उनके उक्त आठ नामों से पुष्पांजलि अर्पित करता है, उसकी समस्त अभीष्ट कामनाओं की सिद्धि होती है।
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