{"_id":"64c55503223e9954d90ee526","slug":"tajiye-buried-in-karbala-with-mourning-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-1327-2023-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: मातम के साथ कर्बला में दफन हुए ताजिये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: मातम के साथ कर्बला में दफन हुए ताजिये
विज्ञापन
शहर और गांवों में चौक पर रखे पारंपरिक तथा मन्नती ताजियों का जुलूस निकाला गया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर सहित मुस्लिम बहुल गांवों और कस्बों में शनिवार को चौक पर रखे पारंपरिक तथा मन्नती ताजियों का जुलूस निकाला गया। फर्श-ए-अजा बिछाई गई, नौहाख्वानी एवं मजलिस-ओ-मातम और जंजीर का मातम किया गया। सबीलें चलाई गई। जुलूस के दौरान ताजियों की मिलनी कराई गई। या अली, या हुसैन, हक हुसैन, या अब्बास, हाए सकीना की सदाएं बुलंद होती रही। कई स्थानों पर युवकों ने युद्ध कला का प्रदर्शन भी किया। शाम को कर्बला में ताजिये दफन करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ जो देर रात तक चलता रहा।
शहर के नखास, गोराबाजार, टाउनहाल मुहम्मदपुर, अरजानीपुर, हुसैनपुर, गंगौली, सादात, सौरम, भितरी, मजुई, सुसुंडी, मोलनापुर, नोनहरा, सैदपुर, सादात, शादियाबाद, जंगीपुर, मुहम्मदाबाद, उतरांव आदि गांवों और कस्बों में परंपरागत ढंग से मुहर्रम मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अमला चुस्त-दुरुस्त रहा। बहरियाबाद : स्थानीय कस्बा के उत्तर एवं दक्षिण मोहल्ला से सुबह बाद नमाज फज्र जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित समय पर निर्धारित रास्तों से होता हुआ चौघट्टा एवं जामा मस्जिद के बाहर पहुंच कर समाप्त हुआ। दोपहर को पुनः दोनों मुहल्ले से जुलूस निकला और विभिन्न चौक पर रखे ताजियों को लेकर चौघट्टा स्थित चौक पर पहुंचे जहां दोनों मोहल्ले के ताजियों की मिलनी हुई।
इसके बाद ताजियों को चौघट्टा चौक एवं जामा मस्जिद के सहन में रखा गया। शाम को पुनः दोनों अखाड़ों का जुलूस बरामद हुआ। अपने-अपने अखाड़े में जाकर दोनों मुहल्ले के युवकों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व दक्षिण मुहल्ले के अखाड़े में उस्ताद जाबिर सहित मसीउद्दीन, रेयाज, शमीम, पप्पू, एनामुलहक, कादिर, सलीम अंसारी, अफजल आदि को दस्तार बांधा गया। बाद मगरिब दोनों मुहल्लों के ताजियों को गश्त कराने के बाद रात में कर्बला में दफ्न किया गया।
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद:मुहम्मदाबाद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के 38 स्थानों से निकलने वाली 67 ताजिया, भांवरकोल थाना क्षेत्र में 25 स्थानों से 35 एवं करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र में 20 स्थानों से 54 ताजिये देर रात तक अपने-अपने कर्बलाओं में मातम एवं नौहाखानी के बाद दफनाए गए।
सेवराई:क्षेत्र के गांवों और कस्बों में परंपरागत ढंग से मुहर्रम मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अमला चुस्त-दुरुस्त रहा। दुबिहा:दुबिहा, नेवादा, हरदासपुर, करीमुद्दीनपुर, ताजपुर, कामूपुर, चंदकुर, बथोर आदि गांवों में ताजिया दफन हुई। सबसे ज्यादा भीड़ उतरांव गांव में हुई। जहां दूरदराज से लोग सबसे ऊंची ताजिया देखने के लिए आए हुए थे। गहमर:क्षेत्र में मुहर्रम परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर सहित मुस्लिम बहुल गांवों और कस्बों में शनिवार को चौक पर रखे पारंपरिक तथा मन्नती ताजियों का जुलूस निकाला गया। फर्श-ए-अजा बिछाई गई, नौहाख्वानी एवं मजलिस-ओ-मातम और जंजीर का मातम किया गया। सबीलें चलाई गई। जुलूस के दौरान ताजियों की मिलनी कराई गई। या अली, या हुसैन, हक हुसैन, या अब्बास, हाए सकीना की सदाएं बुलंद होती रही। कई स्थानों पर युवकों ने युद्ध कला का प्रदर्शन भी किया। शाम को कर्बला में ताजिये दफन करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ जो देर रात तक चलता रहा।
शहर के नखास, गोराबाजार, टाउनहाल मुहम्मदपुर, अरजानीपुर, हुसैनपुर, गंगौली, सादात, सौरम, भितरी, मजुई, सुसुंडी, मोलनापुर, नोनहरा, सैदपुर, सादात, शादियाबाद, जंगीपुर, मुहम्मदाबाद, उतरांव आदि गांवों और कस्बों में परंपरागत ढंग से मुहर्रम मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अमला चुस्त-दुरुस्त रहा। बहरियाबाद : स्थानीय कस्बा के उत्तर एवं दक्षिण मोहल्ला से सुबह बाद नमाज फज्र जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित समय पर निर्धारित रास्तों से होता हुआ चौघट्टा एवं जामा मस्जिद के बाहर पहुंच कर समाप्त हुआ। दोपहर को पुनः दोनों मुहल्ले से जुलूस निकला और विभिन्न चौक पर रखे ताजियों को लेकर चौघट्टा स्थित चौक पर पहुंचे जहां दोनों मोहल्ले के ताजियों की मिलनी हुई।
विज्ञापन
इसके बाद ताजियों को चौघट्टा चौक एवं जामा मस्जिद के सहन में रखा गया। शाम को पुनः दोनों अखाड़ों का जुलूस बरामद हुआ। अपने-अपने अखाड़े में जाकर दोनों मुहल्ले के युवकों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व दक्षिण मुहल्ले के अखाड़े में उस्ताद जाबिर सहित मसीउद्दीन, रेयाज, शमीम, पप्पू, एनामुलहक, कादिर, सलीम अंसारी, अफजल आदि को दस्तार बांधा गया। बाद मगरिब दोनों मुहल्लों के ताजियों को गश्त कराने के बाद रात में कर्बला में दफ्न किया गया।
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद:मुहम्मदाबाद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के 38 स्थानों से निकलने वाली 67 ताजिया, भांवरकोल थाना क्षेत्र में 25 स्थानों से 35 एवं करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र में 20 स्थानों से 54 ताजिये देर रात तक अपने-अपने कर्बलाओं में मातम एवं नौहाखानी के बाद दफनाए गए।
सेवराई:क्षेत्र के गांवों और कस्बों में परंपरागत ढंग से मुहर्रम मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अमला चुस्त-दुरुस्त रहा। दुबिहा:दुबिहा, नेवादा, हरदासपुर, करीमुद्दीनपुर, ताजपुर, कामूपुर, चंदकुर, बथोर आदि गांवों में ताजिया दफन हुई। सबसे ज्यादा भीड़ उतरांव गांव में हुई। जहां दूरदराज से लोग सबसे ऊंची ताजिया देखने के लिए आए हुए थे। गहमर:क्षेत्र में मुहर्रम परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई थी।