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तहसील दिवस का किया बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:16 PM IST
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एसडीएम सदर का घेराव करते लेखपाल संघ के लोग।
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दिव्यांग लेखपाल साथी की मौत की जानकारी होते ही लामबंद लेखपालों ने मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस का बहिष्कार किया। इसके बाद सभी लेखपाल राइफल क्लब के बाहर सदर एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे सीओ सदर ने लेखपालों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
लेखपालों ने एसडीएम सदर को दिए गए पत्रक में बताया कि सदर एसडीएम विनय गुप्ता ने नसीम अहमद को बुलवाया और उन पर नाराज हुए कि उनका रक्तचाप बढ़ गया। घर लौटने पर उनकी हालत बिगड़ गई। सोमवार की देर शाम परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए जहां हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनोद यादव कहा कि विकलांग साथी नसीम अहमद के साथ कुछ दिन पहले हादसा हुआ था। हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई थी। अभी वह उससे उबर भी नहीं पाए कि संवेदनहीन अधिकारी की मानसिक प्रताड़ना ने उनकी जान ले ली। कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।
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ऐसे एसडीएम के साथ लेखपाल कतई काम नहीं करेंगे। उनका कहना था कि इस मसले को लेकर संघ बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगा। उनके खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करने और मृत लेखपाल साथी के आश्रितों को मुआवजा देने की मांग की जाएगी। लेखपाल नसीम अहमद मूलत: बाराचवर ब्लाक के ताजपुर डेहमा के रहने वाले थे।
उधर, सदर एसडीएम विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि लेखपाल का निधन कैसे और कब हुआ इसकी जानकारी नहीं है। रात में वह खुद 11 बजे तक विभागीय काम निपटाते रहे। लेखपाल की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना सरासर गलत है। इस संबंध में डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि लेखपाल नसीम अहदम के शव की पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि उनके निधन का कारण क्या है। उसके बाद आगे कोई कार्रवाई होगी।
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लेखपालों ने एसडीएम सदर को दिए गए पत्रक में बताया कि सदर एसडीएम विनय गुप्ता ने नसीम अहमद को बुलवाया और उन पर नाराज हुए कि उनका रक्तचाप बढ़ गया। घर लौटने पर उनकी हालत बिगड़ गई। सोमवार की देर शाम परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए जहां हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनोद यादव कहा कि विकलांग साथी नसीम अहमद के साथ कुछ दिन पहले हादसा हुआ था। हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई थी। अभी वह उससे उबर भी नहीं पाए कि संवेदनहीन अधिकारी की मानसिक प्रताड़ना ने उनकी जान ले ली। कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।
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ऐसे एसडीएम के साथ लेखपाल कतई काम नहीं करेंगे। उनका कहना था कि इस मसले को लेकर संघ बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगा। उनके खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करने और मृत लेखपाल साथी के आश्रितों को मुआवजा देने की मांग की जाएगी। लेखपाल नसीम अहमद मूलत: बाराचवर ब्लाक के ताजपुर डेहमा के रहने वाले थे।
उधर, सदर एसडीएम विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि लेखपाल का निधन कैसे और कब हुआ इसकी जानकारी नहीं है। रात में वह खुद 11 बजे तक विभागीय काम निपटाते रहे। लेखपाल की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना सरासर गलत है। इस संबंध में डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि लेखपाल नसीम अहदम के शव की पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि उनके निधन का कारण क्या है। उसके बाद आगे कोई कार्रवाई होगी।