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ठोकर क्षतिग्रस्त, गांव के अस्तित्व पर संकट

Mon, 13 Jun 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर Updated Mon, 13 Jun 2016 11:12 PM IST
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मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के शिवराय का पुरा, सेमरा गांव में करोड़ों की लागत से बने ठोकरों की स्थिति सहीं नहीं है। ठोकर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, यदि बरसात से पहले इन ठोकरों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बाढ़ आने पर करोड़ों रुपये पानी के बहाव में बर्बाद हो जाएंगे। इतना ही नहीं, ठोकरों के बह जाने से गांव का अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है। ऐसी चिंता लेकर सोमवार को गांव बचाओ आंदोलन के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल संयोजक प्रेमनाथ गुप्ता के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला तथा पत्रक सौंप ठोकरों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
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सदस्यों ने कहा कि तीन साल पूर्व गंगा में आए बाढ़ से शिवरायका पुरा, सेमरा के सैकड़ों गांव गंगा में कटान की भेंट चढ़ गए। सैकड़ों परिवार बेघर हो गया। ग्रामीणों का सौ बीघा से अधिक खेत गंगा में विलीन हो गया।विस्थापित परिवार जो बंधों पर बसे हैं, सरकारी विद्यालयों में रह रहे हैं। सड़कों पर और खेतों में तिरपाल व झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं, उनके लिए समुचित व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही 181 विस्थापित परिवारों को भी जमीन और आवास मुहैया कराने की मांग की।
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सदस्यों ने कहा कि जिनके भी घर बाढ़ के दौरान गंगा में विलीन हुए, उन्हें जमीन और आवास अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन साल बाद भी अभी तक कटान पीड़ितों का पुनर्वास नहीं किया गया। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। वर्ष 2012 में 56 और वर्ष 2013 में 558 परिवार विस्थापित होकर आज तक त्रासदी से उबर नहीं  पाए हैं।गांव को बचाने के लिए करोड़ों की लागत से ठोकर का निर्माण कराया गया लेकिन उसकी स्थिति भी अब सहीं नहीं रह गई है।
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ठोकर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पिछले वर्ष आई बाढ़ में ठोकर का पूरब वाला हिस्सा गंगा में बह गया था। अभी संकट बरकरार है। उन्होंने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कहा कि बरसात होने से पूर्व ठोकरों का मरम्मत करा लिया जाए और विस्थापित हुए परिवारों को आवास और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, जिससे गांव के साथ-साथ कटान पीड़ितों को भी राहत मिल सके। इस मौके पर हरिनारायण, सुदर्शन राय, देवचंद्र प्रजापति, प्रेमशंकर राय आदि मौजूद रहे।
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