{"_id":"27a84b3855d324ee1510f9aa5d9e7ba0","slug":"stop-abortion-for-social-balance-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामाजिक संतुलन के लिए रोकें भ्रूण हत्या ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामाजिक संतुलन के लिए रोकें भ्रूण हत्या
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Tue, 26 Jan 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
एसकेबीएम डिग्री कालेज के एनएसएस के छात्र और छात्राओं ने देवैथा गांव में रविवार को आयोजित शिविर में न सिर्फ सफाई की बल्कि ग्रामीणों को सामाजिक संतुलन के लिए भ्रूण हत्या रोकने के प्रति जागरूक किया। ग्रामीणों को स्वच्छता
का महत्व बताते हुए कहा कि सफाई अपना कर तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। एनएसएस के छात्र और छात्राओं ने महिलाओं और पुरुषों से बातचीत कर उन्हें सफाई के लिए प्रेरित किया। कहा कि वे न सिर्फ अपने घर में बल्कि
आसपास के क्षेत्रों में भी सफाई रखें। आसपास जलभराव न होने दें ताकि मच्छरों का प्रकोप न हो। बच्चों को हाथ धुलने के बाद ही भोजन करने दें। बताया कि सफाई बरत कर तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। यह भी बताया कि
विज्ञापन
समाज में लगातार बढ़ रहीं भ्रूण हत्याओं से सामाजिक असंतुलन बढ़ता जा रहा है। भ्रूण हत्या सबसे बड़ा पाप है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में सामाजिक असंतुलन पैदा होगा जिसका खामियाजा आम लोगों को
भुगतना पड़ेगा। यह भी बताया कि लड़कियों को लड़कों के बराबर महत्व देते हुए उन्हें बेहतर शिक्षा दी जाए। शिक्षित लड़कियां एक नहीं बल्कि दो परिवारों को शिक्षित करती हैं। लड़कियों को शिक्षित कर ही राष्ट्र को मजबूत बनाया जा
सकता है। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधक गुलाम मजहर खां, मंजूलता, वशीम खां, दिव्या जायसवाल, अंजुम परवीन, आसिफ खां, खालिद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
का महत्व बताते हुए कहा कि सफाई अपना कर तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। एनएसएस के छात्र और छात्राओं ने महिलाओं और पुरुषों से बातचीत कर उन्हें सफाई के लिए प्रेरित किया। कहा कि वे न सिर्फ अपने घर में बल्कि
विज्ञापन
आसपास के क्षेत्रों में भी सफाई रखें। आसपास जलभराव न होने दें ताकि मच्छरों का प्रकोप न हो। बच्चों को हाथ धुलने के बाद ही भोजन करने दें। बताया कि सफाई बरत कर तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। यह भी बताया कि
विज्ञापन
समाज में लगातार बढ़ रहीं भ्रूण हत्याओं से सामाजिक असंतुलन बढ़ता जा रहा है। भ्रूण हत्या सबसे बड़ा पाप है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में सामाजिक असंतुलन पैदा होगा जिसका खामियाजा आम लोगों को
भुगतना पड़ेगा। यह भी बताया कि लड़कियों को लड़कों के बराबर महत्व देते हुए उन्हें बेहतर शिक्षा दी जाए। शिक्षित लड़कियां एक नहीं बल्कि दो परिवारों को शिक्षित करती हैं। लड़कियों को शिक्षित कर ही राष्ट्र को मजबूत बनाया जा
सकता है। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधक गुलाम मजहर खां, मंजूलता, वशीम खां, दिव्या जायसवाल, अंजुम परवीन, आसिफ खां, खालिद आदि मौजूद रहे।