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Ghazipur News: विशेष टीमें लगीं, बिना मान्यता संचालित विद्यालयों को ढूढेंगी
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30 सितंबर तक माध्यमिक शिक्षा परिषद को देनी है जांच रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। प्रदेश के जिलों में अवैध रूप से संचालित माध्यमिक विद्यालयों की अब खैर नहीं है। ऐसे विद्यालयों की जांच शुरू हो गई है। जिला स्तर पर जांच के लिए विशेष टीमें लगा दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट 30 सितंबर तक माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा देनी है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक डॉ. महेंद्र देव का निर्देश पत्र सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों और माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्राप्त हो चुका है।
इस निर्देश के क्रम में गहन जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह जांच जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों की ओर से शासन में अमान्य विद्यालयों के संचालित होने के खिलाफ की गई शिकायत के आधार पर पुनः शुरू कराई जा रही है। इससे पूर्व सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों ने अपने-अपने जिलों में जांच कर कोई भी अमान्य विद्यालय संचालित नहीं होने की रिपोर्ट विभाग एवं शासन को भेजी थी।
जांच के दायरे में उन सभी विद्यालयों को शामिल किया गया है जो अवैध एवं बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। ऐसे सभी अमान्य विद्यालयों के अनधिकृत छात्रों का अपने यहां अनधिकृत रूप से प्रवेश लेने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह सुनिश्चित कर लेने को कहा गया है कि उनके जिले में कोई भी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित नहीं हो रहे है।
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इसके अलावा यह भी देखना है कि कोई बिना मान्यता की संस्था की ओर से अनधिकृत रूप से परिषद की तरफ से मान्य संस्थाओं में अनधिकृत छात्रों का प्रवेश कराने का कुप्रयास तो नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसे किसी अनधिकृत संस्था की ओर से विद्यालय का संचालन किया जाना पाया जाता है तो तत्काल उस संस्था या विद्यालय के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए
जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह सभी विद्यालय का औचक निरीक्षण करें तथा गहनता से यह भी जांच करें कि सभी हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट तक मान्यता प्राप्त संस्थाओं में केवल अर्ह छात्र-छात्राओं का ही प्रवेश मान्य वर्ग एवं विषयों में लिया गया है। गैर मान्यता प्राप्त संस्थाएं संचालित पाए जाने की दशा में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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इनसेट
अनधिकृत छात्रों का प्रवेश लिया जाना अवैध होगा
गाजीपुर। उन्होंने बताया कि परिषद के विनियमों के मुताबिक अध्याय -7 के विनिमय (11 क) में प्रावधान किया गया है कि परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा केवल मान्य वर्ग एवं विषयों में छात्रों का प्रवेश लिया जाएगा। संस्थाओं की तरफ से किसी भी अमान्य संस्था से अनधिकृत छात्रों का प्रवेश लिया जाना अनियमित एवं अवैध होगा ।
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एक लाख तक लगेगा जुर्माना
गाजीपुर। जिले में बिना मान्यता के चल रहे प्राथमिक अथवा जूनियर हाईस्कूल को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को सोमवार से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। बिना मान्यता के विद्यालय संचालित होने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उल्लंघन करने पर प्रतिदिन दस हजार रुपये तक अर्थदंड लगेगा। इस फरमान से अमान्य विद्यालयों के संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव के द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारी से इस बाबत सूचना मांगी गई है। बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनको निर्देश दिए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। प्रदेश के जिलों में अवैध रूप से संचालित माध्यमिक विद्यालयों की अब खैर नहीं है। ऐसे विद्यालयों की जांच शुरू हो गई है। जिला स्तर पर जांच के लिए विशेष टीमें लगा दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट 30 सितंबर तक माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा देनी है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक डॉ. महेंद्र देव का निर्देश पत्र सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों और माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्राप्त हो चुका है।
इस निर्देश के क्रम में गहन जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह जांच जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों की ओर से शासन में अमान्य विद्यालयों के संचालित होने के खिलाफ की गई शिकायत के आधार पर पुनः शुरू कराई जा रही है। इससे पूर्व सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों ने अपने-अपने जिलों में जांच कर कोई भी अमान्य विद्यालय संचालित नहीं होने की रिपोर्ट विभाग एवं शासन को भेजी थी।
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जांच के दायरे में उन सभी विद्यालयों को शामिल किया गया है जो अवैध एवं बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। ऐसे सभी अमान्य विद्यालयों के अनधिकृत छात्रों का अपने यहां अनधिकृत रूप से प्रवेश लेने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह सुनिश्चित कर लेने को कहा गया है कि उनके जिले में कोई भी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित नहीं हो रहे है।
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इसके अलावा यह भी देखना है कि कोई बिना मान्यता की संस्था की ओर से अनधिकृत रूप से परिषद की तरफ से मान्य संस्थाओं में अनधिकृत छात्रों का प्रवेश कराने का कुप्रयास तो नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसे किसी अनधिकृत संस्था की ओर से विद्यालय का संचालन किया जाना पाया जाता है तो तत्काल उस संस्था या विद्यालय के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए
जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह सभी विद्यालय का औचक निरीक्षण करें तथा गहनता से यह भी जांच करें कि सभी हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट तक मान्यता प्राप्त संस्थाओं में केवल अर्ह छात्र-छात्राओं का ही प्रवेश मान्य वर्ग एवं विषयों में लिया गया है। गैर मान्यता प्राप्त संस्थाएं संचालित पाए जाने की दशा में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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अनधिकृत छात्रों का प्रवेश लिया जाना अवैध होगा
गाजीपुर। उन्होंने बताया कि परिषद के विनियमों के मुताबिक अध्याय -7 के विनिमय (11 क) में प्रावधान किया गया है कि परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा केवल मान्य वर्ग एवं विषयों में छात्रों का प्रवेश लिया जाएगा। संस्थाओं की तरफ से किसी भी अमान्य संस्था से अनधिकृत छात्रों का प्रवेश लिया जाना अनियमित एवं अवैध होगा ।
एक लाख तक लगेगा जुर्माना
गाजीपुर। जिले में बिना मान्यता के चल रहे प्राथमिक अथवा जूनियर हाईस्कूल को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को सोमवार से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। बिना मान्यता के विद्यालय संचालित होने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उल्लंघन करने पर प्रतिदिन दस हजार रुपये तक अर्थदंड लगेगा। इस फरमान से अमान्य विद्यालयों के संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव के द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारी से इस बाबत सूचना मांगी गई है। बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनको निर्देश दिए गए हैं।