फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Soil is tested and boring, how will the tanks be built in the rest of the time

मिट्टी की जांच और बोरिंग है बाकी तय समय में कैसे बनेंगी टंकियां

Mon, 27 Jun 2022 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
Soil is tested and boring, how will the tanks be built in the rest of the time
गाजीपुर। जल जीवन मिशन के तहत जनपद के गांवों में पानी टंकी निर्माण कर लोगों को पेयजल मुहैया कराना है। पिछले साल दिसंबर में अनुबंध होने के बाद 162 पानी टंकियों का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन सात महीना बीतने को है और 20 से 30 फीसदी ही काम हो पाया है। ऐसे में कुल डेढ़ साल में परियोजना पूरी होने को लेकर संशय बरकरार है क्योंकि अभी कई साइटों पर मिट्टी की जांच और पानी के लिए बोरिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन

जनपद में बीएसए और एलएनटी कार्यदायी संस्था के तौर पर काम कर रही है। 162 में से 89 बीएसए और 73 एलएनटी का काम है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत एक से लेकर पांच करोड़ रुपये तक में पानी टंकी का कार्य होना है। गांव की आबादी के हिसाब से सवा सौ किलो लीटर, डेढ़ सौ किलो लीटर, 250 किलो लीटर, 300 किलो लीटर, 500 किलो लीटर और 600 किलो लीटर की क्षमता के पानी टंकी का निर्माण होगा। इसके साथ घर-घर पाइप लाइन बिछाकर पानी की सप्लाई की जाएगी।
विज्ञापन

ऐसे ही जनपद के सभी 16 ब्लॉकों में कुल 126 पानी टंकी के निर्माण को लेकर डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनकर तैयार है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन से स्वीकृति मिलते ही अनुबंध कर इनका भी काम शुरू कर दिया जाएगा। नए पानी टंकियों में ब्लॉकवार देखें तो रेवतीपुर में आठ, जमानिया में 26, मनिहारी में 20, जखनिया में 12, भांवरकोल में 13, देवकली में 25, कासिमाबाद में 16, सदर में 22, करंडा में 10, सैदपुर में 10, सादात में 16, महदह में 16, बिरनो में 17, बाराचंवर में 19, मुहम्मदाबाद में 28 और भदौरा में 11 का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यदायी संस्था ने 5 फीसदी हाउस कनेक्शन, 30 फीसदी ट्यूबेल का किया काम
कार्यदायी संस्था बीएसए के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद पटेल ने बताया कि कंपनी को 115 ट्यूबवेल, 1000 किमी पाइप लाइन और 56 हजार घरों में पाइप कनेक्शन देना है। इस लिहाज से 5 फीसदी घरों में हाउस कनेक्शन, 10 फीसदी पाइप बिछाने का काम और 30 फीसदी ट्यूबवेल लगाने का काम हुआ है। कई जगहों पर पानी में आर्सेनिक, फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण बोरिंग करने में समस्या आ रही है। इसी प्रकार राजस्व विभाग की ओर से जमीन उपलब्ध कराने और उस पर काम शुरू करने में कई तरह की अड़चन आ रही है।

पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में होना है काम
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घरों के साथ विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, आरोग्य केंद्रों और सामुदायिक भवनों तक पेयजल उपलब्ध कराना है। सरकार की मंशा है कि यह काम साल 2024 तक पूरा कर लेना है। पानी टंकी का निर्माण कर इसको ग्राम पंचायत को सौंप दिया जाएगा। जिसका संचालन पंचायत की समिति करेगी।
डेढ़ साल में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण कार्य होना है। दिसंबर में 162 पानी टंकी का काम शुरू हुआ है।
शैलेंद्र कौशिक, एक्सीईएन जल निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed