फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP: तस्करों की पहली पसंद जौनपुर के पशु, मिर्जापुर के पशुओं की तरफ नहीं देखते; कमजोर की भी कीमत 10 हजार के पार

Sun, 01 Jun 2025 10:40 AM IST
अमन विश्वकर्मा अंकुर शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अंकुर शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 01 Jun 2025 10:40 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गोतस्करी का मामला सामने आ रहा है। करंडा में गंगा नदी का दियारा करीब तीन किलोमीटर लंबा है। एक तरफ गुरैनी तो दूसरी तरफ गोसंदेपुर उपरवार। यहांं गोतस्करों ने तस्करी का नया तरीका इजाद किया है।

विज्ञापन
smugglers first choice is animals from Jaunpur price of even weak one above 10 thousand
बिहार सीमा स्थित नुआंव में बंधे पशु। - फोटो : अमर उजाला

गाजीपुर के कर्मनाशा नदी पार करने के बाद बिहार बॉर्डर पर एक चेक पोस्ट है। इस चेक पोस्ट के आगे चाय-पानी की दुकान है। इसी के पीछे गोवंशीय पशुओं का मेला लगता है।



यहां पर बड़ी संख्या में बंधे कमजोर और चुटहिल पशुओं की कीमत सुनकर चौंक जाएंगे, क्योंकि कोई भी गोवंशीय पशु 10 हजार रुपये से कम का नहीं है। यूपी में इन पशुओं को लोग किसी काम में नहीं लेते हैं। तस्कर इन पशुओं का वजन बढ़ाने के लिए इंजेक्शन देते हैं। 

smugglers first choice is animals from Jaunpur price of even weak one above 10 thousand
गंगा किनारे रखी गई पशुओं की नाद। - फोटो : अमर उजाला

पशु मंडी में मिले तथाकथित व्यापारियों ने बताया कि वह जौनपुर के पशुओं को ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि उनकी कद-काठी अच्छी होती है, जिसे बिहार और पश्चिम बंगाल तक के लोग पसंद करते हैं और एक पशु की कीमत 25-30 हजार तक देते हैं। 

उसकी बातों पर इस वजह से भी यकीन हो रहा था कि जौनपुर पुलिस ने बीते दिनों जिले में 570 पशु तस्करों को चिह्नित किया है। हाल ही में पशु तस्करों के हमले में हेड कांस्टेबल की मौत हो गई थी। व्यापारी बताता है, वह मिर्जापुर की तरफ के पशुओं को कम पसंद करता है, क्योंकि उनकी कद-काठी अच्छी नहीं होती है। 

smugglers first choice is animals from Jaunpur price of even weak one above 10 thousand
गंगा किनारे रखी गई पशुओं की नाद। - फोटो : अमर उजाला

हालांकि उन्हें भी खरीद लेते हैं, लेकिन 10-15 हजार तक देते हैं। बताया कि इस समय उत्तर प्रदेश से अच्छे कद-काठी वाले सांड़ कम मिल रहे हैं। यहां पशुओं को बेचने से पहले दो-दो दिन तक पानी नहीं दिया जाता। इससे मांस मीठा हो जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
smugglers first choice is animals from Jaunpur price of even weak one above 10 thousand
नदी किनारे ऐसे कई खूंटे गाड़े गए हैं। - फोटो : अमर उजाला

कर्मनाशा नदी के इस पार आने पर अलग ही तस्वीर देखने को मिली। यहां कभी गाजीपुर तो कभी चंदौली जनपद की सीमा नजर आई। दूर-दूर तक एक सिपाही नहीं दिखा। वहां से थोड़ी दूर आने पर एक शख्स ने पशुओं को बिहार तक कैसे लाया जाता है, उसकी पूरी तस्वीर रात 8-9 बजे गंगबरार में गंगा नदी के किनारे दिखा दी।

विज्ञापन
smugglers first choice is animals from Jaunpur price of even weak one above 10 thousand
बीमार पशुओं की होती है डिमांड। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस से बचने के लिए एक-एक पशु ले जाते हैं
पुलिस से बचने के लिए तस्कर ने कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। वह वाहनों में एक गाय के साथ एक बछड़ा भी रख लेते हैं, नहीं तो पैदल ही खेतों और मेड़ों से होकर एक-एक पशु को ले जाते हैं। पूछने पर बड़ी ही सावधानी से बताते हैं कि वह खरीदकर ले जा रहे हैं। इसमें कुछ स्थानीय लोग भी उनकी मदद करते हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed