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छह बार ट्रांसफार्मर बदला गया और लगते ही सभी जल गए
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कासिमाबाद। रामगढ़ पंप कैनाल का 630 केवीए का 11 हजार वोल्ट का ट्रांसफार्मर तीन महीने बाद बृहस्पतिवार को लगाया गया। ट्रांसफार्मर में विद्युत प्रवाहित करते ही वह एक बार फिर जल गया। यह ट्रांसफार्मर अब तक छह बार बदला जा चुका है और सभी लगते ही जल गए। बार-बार ट्रांसफार्मर जलने एवं बदलने से पंप कैनाल से जुड़े किसानों में जबरदस्त आक्रोश है।
कासिमाबाद विकासखंड के उत्तरी छोर पर स्थित रामगढ़ पंप कैनाल अपनी दुर्दशा पर खुद आंसू बहा रहा है। वर्ष 1980 के दशक में स्थापित यह पंप कैनाल कासिमाबाद विकासखंड के किसानों के लिए वरदान साबित होता था। अधिकारियों की लापरवाही से रख रखाव के कारण यह पंप कैनाल सिमट कर दो से तीन किलोमीटर में रह गया है। इसके सभी राजवाहे पूरी तरह से पटकर समाप्त हो चुके हैं। पिछले छह महीने से पंप कैनाल का ट्रांसफार्मर लगते ही जल जा रहा है। ट्रांसफार्मर जलने से पंप कैनाल नहीं चल पा रहा है। इसके कारण किसानों की फसल बर्बादी के कगार पर खड़ी है। कड़ी मेहनत के बाद मंगलवार को 630 केवीए का ट्रांसफार्मर पंप कैनाल पर आया और उसे निर्धारित जगह पर रखकर विद्युत प्रवाहित कर गर्म किया गया। बृहस्पतिवार को जैसे ही ट्रांसफार्मर से बिजली पंप कैनाल को दी गई ट्रांसफार्मर एक बार फिर जल गया। किसानों ने बताया कि इस पंप कैनाल को क्षमतापूर्वक चलाने के लिए 630 केवीए का 11 हजार वोल्ट का दो ट्रांसफार्मर यहां लगा था। यही नहीं इस पंप कैनाल के लिए मऊ के बढ़ुवा गोदाम से अलग से फीडर बनाकर लाइन ले आई गई है जिससे बिजली लगातार मिलती रहे। इधर धान की फसल किसान लगा चुके हैं। किसानों का आरोप है कि ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग में अधिकारी-कर्मचारी खेल कर रहे हैं। कोई ट्रांसफार्मर सही तरीके से नहीं बनाया जा रहा है। यही कारण है कि वह बार-बार जल जा रहा है। पंप कैनाल से जुड़े किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराकर ट्रांसफार्मर के बार-बार जलने की जांच कराकर कार्रवाई की मांग किया है। नया ट्रांसफार्मर शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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कासिमाबाद विकासखंड के उत्तरी छोर पर स्थित रामगढ़ पंप कैनाल अपनी दुर्दशा पर खुद आंसू बहा रहा है। वर्ष 1980 के दशक में स्थापित यह पंप कैनाल कासिमाबाद विकासखंड के किसानों के लिए वरदान साबित होता था। अधिकारियों की लापरवाही से रख रखाव के कारण यह पंप कैनाल सिमट कर दो से तीन किलोमीटर में रह गया है। इसके सभी राजवाहे पूरी तरह से पटकर समाप्त हो चुके हैं। पिछले छह महीने से पंप कैनाल का ट्रांसफार्मर लगते ही जल जा रहा है। ट्रांसफार्मर जलने से पंप कैनाल नहीं चल पा रहा है। इसके कारण किसानों की फसल बर्बादी के कगार पर खड़ी है। कड़ी मेहनत के बाद मंगलवार को 630 केवीए का ट्रांसफार्मर पंप कैनाल पर आया और उसे निर्धारित जगह पर रखकर विद्युत प्रवाहित कर गर्म किया गया। बृहस्पतिवार को जैसे ही ट्रांसफार्मर से बिजली पंप कैनाल को दी गई ट्रांसफार्मर एक बार फिर जल गया। किसानों ने बताया कि इस पंप कैनाल को क्षमतापूर्वक चलाने के लिए 630 केवीए का 11 हजार वोल्ट का दो ट्रांसफार्मर यहां लगा था। यही नहीं इस पंप कैनाल के लिए मऊ के बढ़ुवा गोदाम से अलग से फीडर बनाकर लाइन ले आई गई है जिससे बिजली लगातार मिलती रहे। इधर धान की फसल किसान लगा चुके हैं। किसानों का आरोप है कि ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग में अधिकारी-कर्मचारी खेल कर रहे हैं। कोई ट्रांसफार्मर सही तरीके से नहीं बनाया जा रहा है। यही कारण है कि वह बार-बार जल जा रहा है। पंप कैनाल से जुड़े किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराकर ट्रांसफार्मर के बार-बार जलने की जांच कराकर कार्रवाई की मांग किया है। नया ट्रांसफार्मर शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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