UP: साहब, पुश्तैनी काश्तकारी की जमीन मंदिर के नाम से दर्ज हो गई, फाइल भी गायब...डीएम-एसपी से शिकायत
संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को गाजीपुर के तहसीलों में अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। संबंधित लोगों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन शनिवार को स्थानीय तहसील में किया गया। डीएम अविनाश कुमार व एसपी डॉ. ईरज राजा की मौजूदगी में 169 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए। मौके पर 13 का निस्तारण किया गया। जनपद की सभी तहसीलों पर 473 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए। मौके पर 48 प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण किया गया।
बेरूकहीं के रामदयाल राजभर ने कहा कि साहब मेरी पुश्तैनी काश्तकारी की जमीन मंदिर के नाम से दर्ज हो गई है। सात महीने से तहसील का चक्कर लगा रहा हूं। मेरी फाइल भी गायब कर दी गई है। बहलोलपुर की पूजा गोंड ने कहा कि मेरा अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र नहीं बन रहा है। एक वर्ष से तहसील आ रही हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
नसरुद्दीनपुर के शहीद शशांक सिंह के भाई सुधांशु सिंह ने मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना-पत्र देते हुए कहा कि 15 लाख की लागत से शशांक सिंह सामुदायिक भवन का निर्माण हुआ है। नौ वर्ष बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री की ओर से कठवा मोड़-कासिमाबाद मार्ग का नामकरण शहीद शशांक सिंह के नाम से किए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन, अधिकारियों के उपेक्षा के कारण अभी तक नामकरण नहीं किया गया।
अधिकारियों ने की कार्रवाई
सहाबलपुर के संजय कुमार बिंद की ओर से आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत चावनपुर गनी में ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में अनियमितता की गई है। इसकी जांच कराई जाए। टोडरपुर की आदिता देवी ने फरियाद लगाते हुए कहा कि मेरी खेत में एक मनबढ़ों ने कब्जा कर लिया है। अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी नतीजा सिफर रहा। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य समेत जनपदस्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।