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दर्द से घंटों तड़पती रहीं देखने नहीं आए डाक्टर
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:22 AM IST
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विकास खंड के सीएचसी पर स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत काफी बदतर हो गई हैं। रविवार की शाम प्रसव के लिए आयी महिलाएं इलाज के अभाव में पांच घंटे तक तड़पती रहीं। दाई उन्हें यह दिलासा दिलाती रही कि बस थोड़ी देर में डॉक्टर आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं आए। आशा कार्यकर्ताओं ने रात में एएनएम को फोन कर किसी तरह बुलाया तब जाकर कहीं उनको चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।
इतना ही नहीं, आपातकालीन कक्ष भी बंद कर स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले। इस पूरे प्रकरण की जानकारी होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगों में काफी नाराजगी जताई।प्रदेश के पर्यटन मंत्री के पैतृक गांव सेवराई से कुुछ दूरी पर स्थित भदौरा रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ स्थापित 30 बेडों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। अवकाश के दिन सीएचसी पर आपातकाल तो छोड़िए एक स्वास्थ्य कर्मी भी नहीं दिखाई पड़ता है और मरीज इलाज के लिए घंटों तड़पते रहते हैं। कुछ इसी तरह का मामला रविवार की देर शाम सीएचसी परिसर में देखने को मिला।
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गहमर क्षेत्र के गोविंद राय पट्टी निवासी प्रियंका सिंह पत्नी सदन सिंह, करहिया गांव निवासी सीमा देवी पत्नी बांके बिहारी कनौजिया और गोड़सरा गांव निवासी फुल बसिया पत्नी गणेश राम को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन करीब चार बजे 102 नंबर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक की कौन कहे, वहां कोई एएनएम और दाई तक मौजूद नहीं थी। जब करीब आठ बजे आशा कार्यकर्ता़ ने एएनएम को इस बात की सूचना दी तो वह सीएचसी पहुंचीं। एएनएम ने रात साढे नौ बजे से तीनों महिला मरीजों का इलाज शुरू किया।
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इतना ही नहीं, आपातकालीन कक्ष भी बंद कर स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले। इस पूरे प्रकरण की जानकारी होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगों में काफी नाराजगी जताई।प्रदेश के पर्यटन मंत्री के पैतृक गांव सेवराई से कुुछ दूरी पर स्थित भदौरा रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ स्थापित 30 बेडों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। अवकाश के दिन सीएचसी पर आपातकाल तो छोड़िए एक स्वास्थ्य कर्मी भी नहीं दिखाई पड़ता है और मरीज इलाज के लिए घंटों तड़पते रहते हैं। कुछ इसी तरह का मामला रविवार की देर शाम सीएचसी परिसर में देखने को मिला।
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गहमर क्षेत्र के गोविंद राय पट्टी निवासी प्रियंका सिंह पत्नी सदन सिंह, करहिया गांव निवासी सीमा देवी पत्नी बांके बिहारी कनौजिया और गोड़सरा गांव निवासी फुल बसिया पत्नी गणेश राम को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन करीब चार बजे 102 नंबर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक की कौन कहे, वहां कोई एएनएम और दाई तक मौजूद नहीं थी। जब करीब आठ बजे आशा कार्यकर्ता़ ने एएनएम को इस बात की सूचना दी तो वह सीएचसी पहुंचीं। एएनएम ने रात साढे नौ बजे से तीनों महिला मरीजों का इलाज शुरू किया।