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Ghazipur News: संवेदनाएं छुट्टी पर...इलाज के लिए आठ घंटे भटकती रही छह साल की दुष्कर्म पीड़िता
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नंदगंज (गाजीपुर)। नंदगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि 12 वर्षीय बालक ने बृहस्पतिवार की सुबह मासूम से दुष्कर्म किया। परिजन उसे इलाज के लिए दोपहर तीन बजे महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल ले गए लेकिन आठ घंटे तक इलाज नहीं मिल सका। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी पीड़िता को दौड़ाते रहे। मेडिको लीगल के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में भी डॉक्टर नहीं मिल सके। इससे नाराज मासूम के परिजन और ग्रामीण बृहस्पतिवार की रात नौ बजे से धरने पर बैठ गए। दो घंटे तक धरना चला फिर रात 11 बजे मासूम का इलाज शुरू हो सका।
एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि एक गांव निवासी व्यक्ति की तहरीर के आधार पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी नाबालिग है। उसकी तलाश की जा रही है। मासूम के परिजनों ने पुलिस को बताया कि बालिका घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच पड़ोस का रहने वाले 12 वर्षीय बालक उसे खींच कर घर के पास खंडहर में ले गया और दुष्कर्म किया। इससे मासूम की हालत बिगड़ गई। सूचना पर नंदगंज थाने की पुलिस पहुंची और पीड़िता को उपचार, चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल भेज दिया।
मासूम के परिजनों ने पुलिस को बताया कि मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मासूम का इलाज नहीं किया और मेडिको लीगल के लिए ट्राॅमा सेंटर भेज दिया। जब मासूम को लेकर गोराबाजार स्थित ट्राॅमा सेंटर पहुंचे तो वहां डॉक्टर ही नहीं मिले। ऐसे में मासूम को लेकर फिर महिला अस्पताल आ गए लेकिन रात नौ बजे तक इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद परिजन दुष्कर्म पीड़िता को लेकर महिला अस्पताल के गेट पर ही धरना देने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. एसके पांडेय, उप प्राचार्य प्रोफेसर नीरज पांडेय और एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर पहुंच गए। सीएमओ और धरने पर मौजूद लोगों से बहस हुई। समझाने पर रात करीब 11 बजे मासूम को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इसके बाद मामला शांत हो सका।
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मासूम के महिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उपचार किया। नियम- निर्देशों का पालन किया गया। मेडिको लीगल के लिए मासूम को ट्राॅमा सेंटर भेजा गया था जो सीएमओ के अधीन है। वहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं था। आरोप-प्रत्यारोप गलत है। - प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर
महिला अस्पताल पांच साल पहले मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया था। इलाज के नाम पर लापरवाही की जा रही है। इसकी कमान मेडिकल कॉलेज प्रशासन के हाथ में है। मासूम के इलाज में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ में कार्रवाई के लिए शासन में पत्र भेजा जाएगा। - डा. एसके पांडेय, सीएमओ गाजीपुर।
पुलिस की बात-
छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी बालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। - अतुल सोनकर, एएसपी ग्रामीण
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एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि एक गांव निवासी व्यक्ति की तहरीर के आधार पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी नाबालिग है। उसकी तलाश की जा रही है। मासूम के परिजनों ने पुलिस को बताया कि बालिका घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच पड़ोस का रहने वाले 12 वर्षीय बालक उसे खींच कर घर के पास खंडहर में ले गया और दुष्कर्म किया। इससे मासूम की हालत बिगड़ गई। सूचना पर नंदगंज थाने की पुलिस पहुंची और पीड़िता को उपचार, चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल भेज दिया।
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मासूम के परिजनों ने पुलिस को बताया कि मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मासूम का इलाज नहीं किया और मेडिको लीगल के लिए ट्राॅमा सेंटर भेज दिया। जब मासूम को लेकर गोराबाजार स्थित ट्राॅमा सेंटर पहुंचे तो वहां डॉक्टर ही नहीं मिले। ऐसे में मासूम को लेकर फिर महिला अस्पताल आ गए लेकिन रात नौ बजे तक इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद परिजन दुष्कर्म पीड़िता को लेकर महिला अस्पताल के गेट पर ही धरना देने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. एसके पांडेय, उप प्राचार्य प्रोफेसर नीरज पांडेय और एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर पहुंच गए। सीएमओ और धरने पर मौजूद लोगों से बहस हुई। समझाने पर रात करीब 11 बजे मासूम को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इसके बाद मामला शांत हो सका।
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मासूम के महिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उपचार किया। नियम- निर्देशों का पालन किया गया। मेडिको लीगल के लिए मासूम को ट्राॅमा सेंटर भेजा गया था जो सीएमओ के अधीन है। वहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं था। आरोप-प्रत्यारोप गलत है। - प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर
महिला अस्पताल पांच साल पहले मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया था। इलाज के नाम पर लापरवाही की जा रही है। इसकी कमान मेडिकल कॉलेज प्रशासन के हाथ में है। मासूम के इलाज में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ में कार्रवाई के लिए शासन में पत्र भेजा जाएगा। - डा. एसके पांडेय, सीएमओ गाजीपुर।
पुलिस की बात-
छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी बालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। - अतुल सोनकर, एएसपी ग्रामीण