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हाईस्कूल में 100 से 96 फीसदी पाने वाले चयनित, प्रमाण-पत्रों की जांच जारी
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गाजीपुर। ग्रामीण डाक सेवक के लिए जनपद में 68 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के हाई स्कूल के अंक 100 से लेकर 96 फीसदी के बीच है। जिनमें से एक अभ्यर्थी हरियाणा बोर्ड का है जिसने हाई स्कूल में 100 फीसदी अंक अर्जित किया है। ऐसे ही शेष अभ्यर्थी 96 से 99 फीसदी के बीच अंक अर्जित कर ग्रामीण डाक सेवक के लिए चयनित हुए हैं।
डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों ने जिन बोर्डों के हाई स्कूल का प्रमाण-पत्र आवेदन में दिया है। उन बोर्डों से आन लाइन के बाद अब आफ लाइन कागजी जांच की प्रक्रिया चल रही है। अभी कई अभ्यर्थियों की जांच पूरी नहीं हो पाई है। बोर्डों की तरफ से देरी हो रही है। जिससे कई बोर्डों को चार-चार बार रिमाइंडर लिखा जा चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि टॉप पांच में चयनित अभ्यर्थियों को ही क्रमवार बुलाने का प्रावधान है। इसमें जो भी मेरिट और प्रमाण-पत्रों की जांच में खरा उतरेगा उसी की नियुक्ति होगी। यदि उन पांच में से सभी फर्जी निकलते हैं तो उस पद को खाली मानकर अगली आने वाली वैकेंसी में शामिल कर दिया जाएगा। वहीं, चयनित अभ्यर्थियों में आधे यूपी के बाहर के ही हैं। जिसमें यूपी के अलावा दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और झारखंड के अभ्यर्थी हैं। जिसमें से अब तक फर्जी मिले अधिकांश अभ्यर्थी तमिलनाडु और झारखंड बोर्ड के निकले हैं। डाक अधीक्षक दिनेश शाह ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच चल रही है। कागजों की जांच पूरी होने के बाद विभाग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों ने जिन बोर्डों के हाई स्कूल का प्रमाण-पत्र आवेदन में दिया है। उन बोर्डों से आन लाइन के बाद अब आफ लाइन कागजी जांच की प्रक्रिया चल रही है। अभी कई अभ्यर्थियों की जांच पूरी नहीं हो पाई है। बोर्डों की तरफ से देरी हो रही है। जिससे कई बोर्डों को चार-चार बार रिमाइंडर लिखा जा चुका है।
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अधिकारियों का कहना है कि टॉप पांच में चयनित अभ्यर्थियों को ही क्रमवार बुलाने का प्रावधान है। इसमें जो भी मेरिट और प्रमाण-पत्रों की जांच में खरा उतरेगा उसी की नियुक्ति होगी। यदि उन पांच में से सभी फर्जी निकलते हैं तो उस पद को खाली मानकर अगली आने वाली वैकेंसी में शामिल कर दिया जाएगा। वहीं, चयनित अभ्यर्थियों में आधे यूपी के बाहर के ही हैं। जिसमें यूपी के अलावा दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और झारखंड के अभ्यर्थी हैं। जिसमें से अब तक फर्जी मिले अधिकांश अभ्यर्थी तमिलनाडु और झारखंड बोर्ड के निकले हैं। डाक अधीक्षक दिनेश शाह ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच चल रही है। कागजों की जांच पूरी होने के बाद विभाग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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