गाजीपुर। परिषदीय स्कूलों में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों को राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिलेगा। इसके तहत पहला पुरस्कार पाने वाले स्कूल को दो लाख, दूसरे पुरस्कार में 1.5 लाख और तीसरा पुरस्कार प्राप्त स्कूल को एक लाख रुपए और ट्रॉफी दी जाएगी। इसके लिए स्कूलों को आवेदन करना होगा।
जल के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही इसको लेकर कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। इस क्रम में अब उसकी तरफ से विद्यालयों में जल प्रबंधन के साथ ही उसके संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार दिया जाएगा। स्कूलों का मूल्यांकन 100 अंकों पर होगा। विभिन्न कैटेगरी में अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें जल कार्य योजना 15 अंक, वर्षा जल संचयन प्रणाली (छत और गड्ढे आदि) की स्थापना में 15, स्कूल परिसर और उसके बाहर लगाए गए पेड़ की संख्या 15 अंक, कम पानी की खपत वाले उपकरण की स्थापना 10 अंक, जल संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित पेंटिंग, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए 25 अंक निर्धारित है। इसी तरह शेष अंक भी दिए जाएंगे। स्कूलों के कार्यों का मूल्यांकन राष्ट्रीय स्तर की टीम करेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से निर्देश दिया गया है। पुरस्कार का उद्देश्य विद्यालयों में जल प्रबंधन और संरक्षण को बढ़ावा देना है। परिषदीय स्कूलों को 500 शब्द की रिपोर्ट देनी होगी।