Varanasi: सपा विधायक ओम प्रकाश सिंह की बढ़ेंगी मुश्किलें! कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल, ये है पूरा मामला
गाजीपुर के जमानिया विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश सिंह के खिलाफ दो साल पहले दर्ज मुकदमे में आरोप पत्र वाराणसी की अदालत में दाखिल कर दिया गया। अब मामले में कोर्ट को सुनवाई करनी है।
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वाराणसी के सिगरा थाने की पुलिस ने गाजीपुर के जमानिया विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश सिंह के खिलाफ दो साल पहले दर्ज मुकदमे में आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया है। मुकदमे के विवेचक के अनुसार, गाजीपुर के गहमर थाना क्षेत्र के सेवराई गांव निवासी ओम प्रकाश सिंह के खिलाफ आपराधिक बल के उपयोग, शांतिभंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी का अपराध साबित है। इसलिए आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर मुकदमे की विवेचना समाप्त की जा रही है।
लंका थाना क्षेत्र की शिवपुरी कॉलोनी निवासी व्यवसायी अंबरीश सिंह की तहरीर के आधार पर सिगरा थाने में 30 जून 2021 को ओम प्रकाश सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। दर्ज मुकदमे के अनुसार, अंबरीश सिंह 17 जून 2021 को महमूरगंज क्षेत्र में रहने वाले अपने दोस्त राजेंद्र गोयनका से मिलने उनके घर गए थे।
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दर्ज मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाया
वहां ओम प्रकाश सिंह पहले से ही मौजूद थे। अंबरीश को देखते ही ओम प्रकाश सिंह आग बबूला हो गए और गालीगलौज करते हुए हाथ चला दिया। ओम प्रकाश ने धमकी और वर्ष 2019 के दौरान लंका थाने में दर्ज मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाया। साथ ही कहा कि हमारे लोगों के नाम से दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
अंबरीश सिंह किसी तरह वहां से भागे और डायल 112 नंबर पर सूचना दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही ओम प्रकाश सिंह महमूरगंज के राजेंद्र गोयनका के घर से जा चुके थे। अंबरीश सिंह ने पुलिस को बताया कि वह ओम प्रकाश सिंह की धमकी से डरे हैं। आशंका है कि वह उनके साथ कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना कर या करा सकते हैं।
इस संबंध में सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण, वादी व गवाहों के बयान और अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई में सामने आए तथ्यों व साक्ष्य के आधार पर नामजद अभियुक्त के खिलाफ मुकदमे के विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए हैं। अब मामले में अदालत को सुनवाई करनी है।