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सरकार की सदबुद्धि के लिए किया यज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:25 PM IST
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आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोशिएसन की काम बंद-कलम बंद हड़ताल 15वें दिन गुरुवार को भी आरटीआई परिसर में जारी रहा। इस मौके पर आंगनबाड़ी एवं सहायिकाओं ने अपने पक्ष में फैसला लेने के लिए सरकार की सदबुद्धि के लिए शुद्धि-बुद्धि यज्ञ किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्षा आशा पटेल ने कहा कि हमारी मांगे किसी भी तरह पूरी होनी चाहिए। अगर ऐसा नही हुआ तो हम बहने और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी।
जिला कार्यवाहक अध्यक्ष संजू यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों की समस्या के समाधान का मुख्य मुद्दा बनाकर सरकार सत्ता में आई थी। पहले 120 दिन फिर 150 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई हितकारी निर्णय हम बहनों के पक्ष में नही लिया गया। लगता है जुमलेबाजी करना इन सरकारों का प्रमुख कार्य बन गया है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती है, तक तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। रेखा पासवान ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली सरकार बताए कि क्या इनके निगाहों में हम आंगनबाड़ी और सहायिकाएं महिला नहीं हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, नारी सशक्तिकरण और कन्याओं को पूजने वाली सरकार हमारी मांगो की अनदेखी करते हुए हमारे हितों के लिए बिल्कुल भी गंभीर नही है। ऐसी दोहरात्मक सोच वाली सरकार ये न समझे कि हम कमजोर हैं। हमारी मांगे हमारा अधिकार है और यह अधिकार हम लेकर रहेंगे। इस मौके पर जिला संरक्षक सूरज प्रताप सिंह, आरती, कृष्णा, विद्या, बिंदा, नीलम, निशा, रेखा, आशा, सीमा, रुक्मिणी, तारा, सरिता, संगीता, दिव्या, शबाना, साजिदा, नसीमा, रिंकू, इंदू, रेनू आदि उपस्थित रहीं।
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जिला कार्यवाहक अध्यक्ष संजू यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों की समस्या के समाधान का मुख्य मुद्दा बनाकर सरकार सत्ता में आई थी। पहले 120 दिन फिर 150 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई हितकारी निर्णय हम बहनों के पक्ष में नही लिया गया। लगता है जुमलेबाजी करना इन सरकारों का प्रमुख कार्य बन गया है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती है, तक तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। रेखा पासवान ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली सरकार बताए कि क्या इनके निगाहों में हम आंगनबाड़ी और सहायिकाएं महिला नहीं हैं।
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, नारी सशक्तिकरण और कन्याओं को पूजने वाली सरकार हमारी मांगो की अनदेखी करते हुए हमारे हितों के लिए बिल्कुल भी गंभीर नही है। ऐसी दोहरात्मक सोच वाली सरकार ये न समझे कि हम कमजोर हैं। हमारी मांगे हमारा अधिकार है और यह अधिकार हम लेकर रहेंगे। इस मौके पर जिला संरक्षक सूरज प्रताप सिंह, आरती, कृष्णा, विद्या, बिंदा, नीलम, निशा, रेखा, आशा, सीमा, रुक्मिणी, तारा, सरिता, संगीता, दिव्या, शबाना, साजिदा, नसीमा, रिंकू, इंदू, रेनू आदि उपस्थित रहीं।
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