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मकान निर्माण के विवाद को लेकर ग्रामीण-पुलिस आमने-सामने

Thu, 13 Feb 2020 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 11:33 PM IST
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Rural-police face to face with controversy
मरदह। थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर दीवानी कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बाद भी मकान का निर्माण कराने के लिए दो पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले आई। वहां भी दोनों तरफ में विवाद शुरू हो गया। इसके बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया। समझौते में गए गांव के निर्दोष व्यक्तियों को पकड़े की खबर मिलते ही सैकड़ों महिला-पुरुष थाने पहुंचकर विरोध करने लगे। इस दौरान ग्रामीण व पुलिस आमने-सामने हो गए थे। किसी तरह संभ्रांत लोगों द्वारा समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया गया। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के सात लोगों का शांति भंग में चालान कर दिया।
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इलाके के पृथ्वीपुर निवासी मोतीचंद्र राम और राजेश राम की जमीनी विवाद चल रहा है। मामला दीवानी कोर्ट में विचाराधीन है। गुरुवार की दोपहर एक पक्ष के मोतीचंद्र राम ने किसी तरह तहसील मुख्यालय से निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति ले लिया और निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसी बीच दूसरे पक्ष के राजेश राम ने जमीन पर मुकदमा चलने की बात कहकर पुलिस से सहायता मांगी तो पुलिस ने इंकार कर दिया। तब वह भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इस पर पहले पक्ष के मोतीचंद्र राम ने डायल 112 पुलिस को फोन कर बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को पक्षों के लोगों को वाहन में बैठाकर थाने लाई। इसके बाद गांव के ही शिवदास राम, राजेश बिंद, शुभम राम इस मामले को लेकर सुलह समझौते के लिए थाने पहुंच गए। अभी बात चल ही रही थी कि मोतीचंद्र राम ने तीनों के ऊपर झगड़ा को बढ़ाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसको लेकर थाना में ही दोनों के बीच पक्षों के बीत तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गया। इससे पुलिस ने दोनों पक्षों को हवालात में डाल दिया। यह खबर लगते ही शिवदास राम के पक्ष में पृथ्वीपुर गांव से सैकड़ों महिला-पुरुष थाना पहुंच गए और पुलिस पर आग बबूला हो उठे। गांव वालों कहना था कि जो दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए, जो पैरवी के लिए आया है, उन्हें क्यों बैठा दिया गया, उन्हें छोड़ा जाए। पुलिस ने यह बात मानने से इंकार कर दिया और बल पूर्वक भीड़ को हटाने लगी। इस पर भीड़ और बेकाबू हो गई तथा थाना के ठीक सामने मरदह-कासिमाबाद मार्ग पर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को कदम पीछे करना पड़ा। जानकारी होते ही कासिमाबाद सीओ महमूद अली, कासिमाबाद थाना पुलिस, मटेहूं पुलिस चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। मरदह गांव के कुछ संभ्रांत लोगों की पहल से किसी तरह मामला शांत हुआ। इस संबंध में सीओ ने बताया कि इस मामले में एक पक्ष के बृजेश राम, राजेश राम, शिवदास राम, शुभम राम तथा दूसरे पक्ष के सूर्यनाथ राम, मोतीचंद्र राम, उपेंद्र राम का शांति भंग में चालान किया गया है।
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