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Ghazipur : संघ प्रमुख के सुझाव पर वीर अब्दुल हमीद पर लिखी गई किताब, एक जुलाई को मोहन भागवत करेंगे लोकार्पण
Thu, 27 Jun 2024 08:30 AM IST
प्रगति चंद
अंकुर शुक्ला, गाजीपुर।
अंकुर शुक्ला, गाजीपुर।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 27 Jun 2024 08:30 AM IST
सार
Mohan Bhagwat Ghazipur Visit : संघ प्रमुख मोहन भागवत एक जुलाई को परमवीर चक्र पदक विजेता वीर अब्दुल हमीद पर लिखी गई किताब का लोकार्पण करेंगे। उनके सुक्षाव पर ही ये किताब लिखी गई है।
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मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के सुझाव पर भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965) के हीरो और परमवीर चक्र पदक विजेता वीर अब्दुल हमीद पर किताब लिखी गई है। 180 पेज की किताब में परमवीर चक्र विजेता की पूरी कहानी है। इसका लोकार्पण एक जुलाई को आरएसएस प्रमुख ही गाजीपुर में करेंगे। इसकी तैयारी चल रही है।
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आरएसएस प्रमुख वीर अब्दुल हमीद के बड़े बेटे जैनुल हसन के अनुरोध पर आ रहे हैं। जैनुल की उनसे दो बार मुलाकात हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मुंबई के डॉ. रामा चंद्रन श्रीनिवासन ने किताब लिखी है। इसका शीर्षक मेरे पापा परमवीर हैं। गाजीपुर आगमन पर एक बार आरएसएस प्रमुख से मुलाकात हुई थी। तब परमवीर चक्र विजेता पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई थी। तभी आरएसएस प्रमुख ने कहा था कि पहले एक किताब लिखी जानी चाहिए।
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एक जुलाई को मनाई जाएगी परमवीर चक्र विजेता की जयंती
तीन महीने पहले आरएसएस प्रमुख को पत्र लिखा। इसके जरिये मुलाकात और पिता पर लिखी किताब भेंट करने को इच्छा जाहिर की थी। कुछ दिन बाद लखनऊ के प्रचारक रमेश के माध्यम से संदेश आया और कहा गया कि मोहन भागवत ही किताब का लोकार्पण करेंगे। एक जुलाई को परमवीर चक्र विजेता की जयंती मनाई जाएगी। इसी दौरान किताब का लोकार्पण भी होगा।
हथियाराम मठ गाजीपुर में दो बार आ चुके मोहन भागवत ने बुलाकर मुलाकात की थी। उनके कई विचारों को गहराई से समझा और उनसे प्रभावित भी हुआ। जैनुल के मुताबिक, किताब 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता की शौर्यगाथा लिखी गई है। बताया गया है कि वीर अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान के पैटर्न टैंक को ध्वस्त करके युद्ध का पासा पलट दिया था।
हथियाराम मठ गाजीपुर में दो बार आ चुके मोहन भागवत ने बुलाकर मुलाकात की थी। उनके कई विचारों को गहराई से समझा और उनसे प्रभावित भी हुआ। जैनुल के मुताबिक, किताब 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता की शौर्यगाथा लिखी गई है। बताया गया है कि वीर अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान के पैटर्न टैंक को ध्वस्त करके युद्ध का पासा पलट दिया था।