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नदियों के जलस्तर में वृद्धि, फसलें डूबी
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:09 PM IST
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मगई नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबी खेत की फसल।
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रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से जिले से गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। नदियां जहां कई गांवों में प्रवेश करने को आतुर दिख रही हैं। वहीं कई गांव में नदियों के आसपास के खेत पानी से पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। अरहर, तिल, बाजरा, धान की फसलें पानी में डूबने लगी हैं।
इससे किसानों के माथे पर इस बात से बल पड़ने लगा है कि उनकी मेहनत की फसल पानी की भेंट चढ़ रही है। जलस्तर में वृद्धि से कई गांव में पशुओं के चारा का संकट भी उत्पन्न हो गया है। किसान पानी में घुसकर आनन-फानन में इसकी कटाई करने में जुटे हुए हैं।
जखनिया संवादताता के अनुसार क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से क्षेत्र की नदियां बेसो, उदंती और मगई नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अरहर, तिल, बाजरा धान आदि की फसल पानी में डूबने लगी है। किसान अपनी आंखों के सामने अपनी फसलों का नुकसान होता हुआ देखने को विवश हैं। पानी में चारा भी घिर गया है। इससे पशुचारा का भी संकट उत्पन्न हो गया है।
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किसान पानी में घुसकर चारा की कटाई कर रहे हैं। खोजापुर, सवना, संजोगपुर, धमरांव, धामूपुर, नसरतपुर, रामसिंहपुर, चकमलूक, सिखड़ी, गेल्हना आदि गांव के योगेंद्र राय, अवधबिहारी राय, राकेश राय, रामसरेख राजभर, अवधू राजभर, कमलेश कश्यप, दुर्गावती, महेन्द्र आदि ने बताया कि खेतों में खड़ी फसल से काफी ऊपर पानी बह रहा है।
अगर ऐसे ही पानी का दबाव बना रहा तो लोगों के घरों में भी पानी घुस जाएगा। दुबिहा संवाददाता के अनुसार कई दिनों से हो रही लगातार बरसात से जहां आम जन-जीवन प्रभावित हो गया है। वहीं करइल इलाके से होकर गुजरने वाली मगई नदी में पानइी बढ़ने के कारण किसानों की धुकधुकी बढ़ गई है।
पिछले कुछ दिनों से इस नदी में बढ़ाव तो था, लेकिन दो दिनों से लगातार हो रही बरसात से मगई का पानी जोगा मुसाहिब गांव के पास तेजी से बढ़ रहा है। लौवाडीह गांव के काफी नजदीक नदी का पानी पहुंच गया है और गांव स्थित तालाब में गिर रहा है। अगर इसी तरह जलस्तर में वृद्धि होती गई तो एक-दो दिनों में कई गांव की धान की फसल पानी में डूब जाएगी।
मगई नदी के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धान की फसल बोई जाती है। उसमें लौवाडीह, जोगा मुसाहिब, पारो, मुर्तजीपुर, खेमपुर, सिलाइच, परसा राजापुर, देवरिया, मसौनी, गोड़उर, करीमुद्दीनपुर, सियाड़ी सहित आदि गांव के किसानों द्वारा हजारों बीघे धान की खेती की गई है। अगर जलस्तर लगातार बढ़ता है तो इन गांवों की फसल पानी में समा सकती है। राजापुर परसा के बहुत से किसान अधिक पानी हो जाने से धान की रोपाई अभी तक नही कर सके हैं।
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इससे किसानों के माथे पर इस बात से बल पड़ने लगा है कि उनकी मेहनत की फसल पानी की भेंट चढ़ रही है। जलस्तर में वृद्धि से कई गांव में पशुओं के चारा का संकट भी उत्पन्न हो गया है। किसान पानी में घुसकर आनन-फानन में इसकी कटाई करने में जुटे हुए हैं।
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जखनिया संवादताता के अनुसार क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से क्षेत्र की नदियां बेसो, उदंती और मगई नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अरहर, तिल, बाजरा धान आदि की फसल पानी में डूबने लगी है। किसान अपनी आंखों के सामने अपनी फसलों का नुकसान होता हुआ देखने को विवश हैं। पानी में चारा भी घिर गया है। इससे पशुचारा का भी संकट उत्पन्न हो गया है।
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किसान पानी में घुसकर चारा की कटाई कर रहे हैं। खोजापुर, सवना, संजोगपुर, धमरांव, धामूपुर, नसरतपुर, रामसिंहपुर, चकमलूक, सिखड़ी, गेल्हना आदि गांव के योगेंद्र राय, अवधबिहारी राय, राकेश राय, रामसरेख राजभर, अवधू राजभर, कमलेश कश्यप, दुर्गावती, महेन्द्र आदि ने बताया कि खेतों में खड़ी फसल से काफी ऊपर पानी बह रहा है।
अगर ऐसे ही पानी का दबाव बना रहा तो लोगों के घरों में भी पानी घुस जाएगा। दुबिहा संवाददाता के अनुसार कई दिनों से हो रही लगातार बरसात से जहां आम जन-जीवन प्रभावित हो गया है। वहीं करइल इलाके से होकर गुजरने वाली मगई नदी में पानइी बढ़ने के कारण किसानों की धुकधुकी बढ़ गई है।
पिछले कुछ दिनों से इस नदी में बढ़ाव तो था, लेकिन दो दिनों से लगातार हो रही बरसात से मगई का पानी जोगा मुसाहिब गांव के पास तेजी से बढ़ रहा है। लौवाडीह गांव के काफी नजदीक नदी का पानी पहुंच गया है और गांव स्थित तालाब में गिर रहा है। अगर इसी तरह जलस्तर में वृद्धि होती गई तो एक-दो दिनों में कई गांव की धान की फसल पानी में डूब जाएगी।
मगई नदी के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धान की फसल बोई जाती है। उसमें लौवाडीह, जोगा मुसाहिब, पारो, मुर्तजीपुर, खेमपुर, सिलाइच, परसा राजापुर, देवरिया, मसौनी, गोड़उर, करीमुद्दीनपुर, सियाड़ी सहित आदि गांव के किसानों द्वारा हजारों बीघे धान की खेती की गई है। अगर जलस्तर लगातार बढ़ता है तो इन गांवों की फसल पानी में समा सकती है। राजापुर परसा के बहुत से किसान अधिक पानी हो जाने से धान की रोपाई अभी तक नही कर सके हैं।