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Ghazipur News: आरक्षण का खाका तैयार, सहायिका के 1352 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
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गाजीपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। विभाग की ओर से आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद तय हुआ है कि सहायिका के 1352 पदों पर भर्ती की जाएगी। लंबे समय से आंगनबाड़ी सहायिका के पद खाली चल रहे थे। इससे योजनाओं को क्रियान्वित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद सहायिका की भर्ती निकालने का निर्णय विभाग की ओर से किया गया। इसके लिए सबसे पहले जरूरी चीज थी कि सीटवार आरक्षण की स्थिति स्पष्ट की जाए। लगभग 15 दिनों की माथापच्ची के बाद आरक्षण की रुपरेखा ब्लॉकस्तर पर तय कर दी गई है।
ऑपरेशन सर्जरी से बाबुओं में बेचैनी-गाजीपुर। सहायिका पद पर भर्ती से पहले से विभाग में बड़े पैमाने पर बाबुओं को इधर से उधर किया गया। इस कवायद को विभागीय बाबू आपरेशन सर्जरी का नाम दे रहे हैं। विभागीय स्थानांतरण में लंबे समय से मलाईदार पटल पर काबिज बाबुओं का पत्ता साफ हो गया। दो दिन पहले एक साथ पांच बाबुओं को इधर से उधर कर दिया गया। इसमें एक बाबू ऐसा भी रहा, जो पिछले वर्ष आंगनबाड़ी भर्ती में चर्चित हुआ था। वर्ष 2024 में निकली आंगनबाड़ी भर्ती विवादित रही। आज भी इससे जुड़े कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस भर्ती में चर्चित बाबू का नाम खूब उछला था। विभागीय साठगांठ के बल पर वह अपने मूल तैनाती स्थल के बजाए लंबे समय तक जिला मुख्यालय पर मलाईदार पटल पर काबिज रहा। चर्चित बाबू को कई सफेदपोशों का संरक्षण भी प्राप्त है। ऑपरेशन सर्जरी में चर्चित बाबू के पर भी कतर दिए गए हैं। उसको मूल तैनाती स्थल से सुदूर ब्लॉक में भेज दिया गया है।
सीडीओ के स्टेनो पर गिरी थी गाज-गाजीपुर। वर्ष 2024 में आंगनबाड़ी भर्ती की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे। कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। इसको देखते हुए तत्कालीन डीएम आर्यका अखौरी की ओर से भर्ती पर जांच बैठा दी गई थी। जांच की आंच में सीडीओ के तत्कालीन स्टेनो राधेश्याम यादव झुलस गए। उनका स्थानांतरण जमानिया ब्लॉक में कर दिया गया था। वहीं डीएम की जांच से कई शिकायकर्ता संतुष्ट नहीं हुए थे। ऐसे में उन्होंने न्यायालय का रुख किया। पिछली बार की भर्ती को देखते हुए इस बार की भर्ती निष्पक्ष कराना विभाग के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
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सहायिका की भर्ती की तैयारी चल रही है। इसके लिए आरक्षण तय कर लिया गया है। जिससे पदों की स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। इस बार भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष रहेगी। - पवन यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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ऑपरेशन सर्जरी से बाबुओं में बेचैनी-गाजीपुर। सहायिका पद पर भर्ती से पहले से विभाग में बड़े पैमाने पर बाबुओं को इधर से उधर किया गया। इस कवायद को विभागीय बाबू आपरेशन सर्जरी का नाम दे रहे हैं। विभागीय स्थानांतरण में लंबे समय से मलाईदार पटल पर काबिज बाबुओं का पत्ता साफ हो गया। दो दिन पहले एक साथ पांच बाबुओं को इधर से उधर कर दिया गया। इसमें एक बाबू ऐसा भी रहा, जो पिछले वर्ष आंगनबाड़ी भर्ती में चर्चित हुआ था। वर्ष 2024 में निकली आंगनबाड़ी भर्ती विवादित रही। आज भी इससे जुड़े कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस भर्ती में चर्चित बाबू का नाम खूब उछला था। विभागीय साठगांठ के बल पर वह अपने मूल तैनाती स्थल के बजाए लंबे समय तक जिला मुख्यालय पर मलाईदार पटल पर काबिज रहा। चर्चित बाबू को कई सफेदपोशों का संरक्षण भी प्राप्त है। ऑपरेशन सर्जरी में चर्चित बाबू के पर भी कतर दिए गए हैं। उसको मूल तैनाती स्थल से सुदूर ब्लॉक में भेज दिया गया है।
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सीडीओ के स्टेनो पर गिरी थी गाज-गाजीपुर। वर्ष 2024 में आंगनबाड़ी भर्ती की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे। कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। इसको देखते हुए तत्कालीन डीएम आर्यका अखौरी की ओर से भर्ती पर जांच बैठा दी गई थी। जांच की आंच में सीडीओ के तत्कालीन स्टेनो राधेश्याम यादव झुलस गए। उनका स्थानांतरण जमानिया ब्लॉक में कर दिया गया था। वहीं डीएम की जांच से कई शिकायकर्ता संतुष्ट नहीं हुए थे। ऐसे में उन्होंने न्यायालय का रुख किया। पिछली बार की भर्ती को देखते हुए इस बार की भर्ती निष्पक्ष कराना विभाग के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
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सहायिका की भर्ती की तैयारी चल रही है। इसके लिए आरक्षण तय कर लिया गया है। जिससे पदों की स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। इस बार भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष रहेगी। - पवन यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी