{"_id":"9bb2f640d97a9e3071545f2ad115a7e7","slug":"ram-began-burning-the-effigy-of-ravana-jaykare-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावण का पुतला जलते ही लगे श्रीराम के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावण का पुतला जलते ही लगे श्रीराम के जयकारे
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विजयदशमी का पर्व गुरुवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर शहर के लंका मैदान में असत्य के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण का पुतला दहन होते ही उपस्थित लोग जय श्रीराम का जयकार करने लगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान कई जगहों पर मेला भी आयोजित किया गया था। सभी स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
शहर के लंका मैदान में मेले का आयोजन किया गया। मेला देखने के लिए दोपहर के बाद से लोगों का घरों से निकलने का क्रम शुरू हो गया। विशालकाय दशानन का पुतला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना था।
विज्ञापन
पुतले के काफी दूर परिधि में बांस-बल्ली का घेरा बनाया गया था, जिससे लोग दूर खड़े होकर पुतला दहन देख सके। रात आठ बजे के करीब भगवान राम लक्ष्मण के साथ रावण के पुतले के पास पहुंचे।
इसके बाद राम और रावण युद्ध प्रारंभ हुआ। दोनों तरफ से तीरों की बौछार शुरू हो गई। करीब 20 मिटन तक चले युद्ध के बाद भगवान राम ने रावण का वध कर दिया। वध होते ही आतिशबाजी का क्रम शुरू हो गया।
इसके बाद भागवान राम के साथ धर्मार्थ कार्यमंत्री विजय मिश्र और जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह पटेल ने रिमोट का बटन दबाकर रावण के विशालकाय पुतले को आग के हवाले किया। पूरा माहौल राममय हो गया।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, महामंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा, श्रवण गुप्ता, सरदार दर्शन सिंह, बड़े पंडित जैमिनी दत्त मौजूद थे।
दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा का पर्व परम्परागत तरीके से मनाया गया। नगर के रामलीला मैदान में शाम 5 बजे भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष टीबी सिंह पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद रहे।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के मुन्नू यादव, चंदन, साधू यादव आदि मौजूद थे। जगजीवन राम रेलवे पार्क में मेला लगाया गया। इसके अलावा दुल्लहपुर, बिरनो, जंगीपुर, खानपुर, सैदपुर, देवकली, नंदगंज, करंडा, बहरियाबाद, शादियाबाद, भीमापार, सादात, सुहवल, जमानिया, भदौरा, गहमर, भांवरकोल, सिधागरघाट, दुबिहा,
कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद, सहेड़ी, मरदह सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में विजयादशमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। कई स्थानों पर मेला का आयोजन किया गया था, जिसका लोगों ने आनंद उठाया।
गहमर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में विजयादशमी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के गहमर, बारा, सायर, करहिया आदि गावों में रावण का पुतला जलाया। विजयादशमी के दिन गहमर आदि कई जगहों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के प्राचीन महादेवा शिवमंदिर पर विजयदशमी का मेला लगा। रावण का पुतला जलाया गया। इस दौरान शिवमन्दिर के पास कुश्ती दंगल हुआ जिसमें क्षेत्रीय पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। बालापुर में भी दशहरे पर तीन दिन का मेला लगा। अदिलाबाद, राजापुर में रामलीला संपन्न हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान कई जगहों पर मेला भी आयोजित किया गया था। सभी स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन
शहर के लंका मैदान में मेले का आयोजन किया गया। मेला देखने के लिए दोपहर के बाद से लोगों का घरों से निकलने का क्रम शुरू हो गया। विशालकाय दशानन का पुतला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना था।
विज्ञापन
पुतले के काफी दूर परिधि में बांस-बल्ली का घेरा बनाया गया था, जिससे लोग दूर खड़े होकर पुतला दहन देख सके। रात आठ बजे के करीब भगवान राम लक्ष्मण के साथ रावण के पुतले के पास पहुंचे।
इसके बाद राम और रावण युद्ध प्रारंभ हुआ। दोनों तरफ से तीरों की बौछार शुरू हो गई। करीब 20 मिटन तक चले युद्ध के बाद भगवान राम ने रावण का वध कर दिया। वध होते ही आतिशबाजी का क्रम शुरू हो गया।
इसके बाद भागवान राम के साथ धर्मार्थ कार्यमंत्री विजय मिश्र और जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह पटेल ने रिमोट का बटन दबाकर रावण के विशालकाय पुतले को आग के हवाले किया। पूरा माहौल राममय हो गया।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, महामंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा, श्रवण गुप्ता, सरदार दर्शन सिंह, बड़े पंडित जैमिनी दत्त मौजूद थे।
दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा का पर्व परम्परागत तरीके से मनाया गया। नगर के रामलीला मैदान में शाम 5 बजे भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष टीबी सिंह पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद रहे।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के मुन्नू यादव, चंदन, साधू यादव आदि मौजूद थे। जगजीवन राम रेलवे पार्क में मेला लगाया गया। इसके अलावा दुल्लहपुर, बिरनो, जंगीपुर, खानपुर, सैदपुर, देवकली, नंदगंज, करंडा, बहरियाबाद, शादियाबाद, भीमापार, सादात, सुहवल, जमानिया, भदौरा, गहमर, भांवरकोल, सिधागरघाट, दुबिहा,
कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद, सहेड़ी, मरदह सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में विजयादशमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। कई स्थानों पर मेला का आयोजन किया गया था, जिसका लोगों ने आनंद उठाया।
गहमर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में विजयादशमी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के गहमर, बारा, सायर, करहिया आदि गावों में रावण का पुतला जलाया। विजयादशमी के दिन गहमर आदि कई जगहों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के प्राचीन महादेवा शिवमंदिर पर विजयदशमी का मेला लगा। रावण का पुतला जलाया गया। इस दौरान शिवमन्दिर के पास कुश्ती दंगल हुआ जिसमें क्षेत्रीय पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। बालापुर में भी दशहरे पर तीन दिन का मेला लगा। अदिलाबाद, राजापुर में रामलीला संपन्न हो गई।