फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Rail cum road bridge is a unique example of modern technology

आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना है रेल सह सड़क पुल

Thu, 09 Sep 2021 10:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 10:59 PM IST
विज्ञापन
Rail cum road bridge is a unique example of modern technology
गंगा नदी पर बन रहा पूर्वांचल का दूसरा सबसे लंम्बा निर्माणाधीन रेल कम रोड ब्रिज। संवाद - फोटो : GHAZIPUR
गंगा नदी पर बन रहा पूर्वांचल का दूसरा रेल सह सड़क पुल आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना है। करीब 1100 मीटर लंबे और 16.9 मीटर चौड़े डबल डेकर इस रेल कम रोड ब्रिज का कुल वजन 26 हजार टन है। यह पुल 1857 में निर्मित वाराणसी के मालवीय ब्रिज (लंबाई करीब एक हजार मीटर) से लंबी है। नवीन तकनीक पर बन रहा यह पुल प्रदेश का पहला रेल सह सड़क पुल है। अभी तक प्रदेश में कोई ऐसा कोई पुल नहीं है जिसका निर्माण स्टील ट्रस डिजाइन के आधार पर कराया गया हो। जबकि इसका निर्माण इसी आधार पर कराया जा रहा है।
विज्ञापन

रेलवे प्रशासन ने इसका निर्माण कार्य 14 नवंबर 2016 को शुरू कराया था जिसे दिसंबर 2021 तक बनकर तैयार होना था लेकिन कोरोना, बाढ़ और अन्य कारणों से परियोजना में देरी हो गई और अब इसको दिसंबर 2022 में समर्पित करने की तैयारी है। इस पुल के तैयार होने से आसपास के नगरों के साथ ही देश के अन्य महानगरों तक जाना आसान हो जाएगा। इस रेलमार्ग से जहां यात्रियों के समय और पैसे की बचत होगी वहीं रेलवे को भी लाभ होगा। वाराणसी स्थित मालवीय ब्रिज से प्रतिदिन दो सौ ट्रेनों का आवागमन होता है। उक्त रूट वर्तमान समय में काफी व्यस्त रहता है उससे उन्हें निजात मिलेगी। इस कारण ट्रेनों के संचालन में विभाग को भी सहूलियत मिलेगी। इस पुल की लागत करीब 450 करोड़ रुपये है। यह पूरी तरह से स्ट्रील स्ट्रक्चर के आधार पर बन रहा है। इसकी उम्र करीब सौ वर्ष निर्धारित है। यह पुल रेलवे के सेसमिक जोन तृतीय में है जो भूकंप से पूरी तरह से सुरक्षित है। अगर भूकंप आ जाए तो 7.2 रिक्टर स्केल की तीव्रता वाले भूकंप का इस पर असर नहीं पड़ेगा। एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट मैनेजर अमनदीप गोयल, निर्माणाधीन यह रेल कम रोड ब्रिज नवीन तकनीकी का बेजोड़ नमूना है। इसके बन जाने से पूरे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनेगी होगी और लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन

डबल डेकर है यह पुल
सुहवल। यह रेल कम रोड ब्रिज डबल डेकर है जिसमें 14 पिलर हैं। इसकी स्टील स्पैन के ओपन वेब की ऊंचाई करीब 11 मीटर तथा चौड़ाई करीब 16.9 मीटर है। इसमें कुल 52 स्पैरिकल बेयरिंग लगने हैं जिसमें 14 ज्वाइंटर के अलावा 170 पैनल भी लगाए गए हैं। इस रेल कम रोड ब्रिज में कुल 13 स्पैन लगाए जाने हैं जिसकी कुल लंबाई करीब 1100 मीटर तथा कुल वजन करीब 26000 टन है। इसमें लगने वाले कुल 13 स्पैन में से दो स्पैन ए-वन एवं एटू की लंबाई क्रमश: करीब 43.5 मीटर एवं वजन करीब 700 टन है। शेष प्रत्येक स्पैन की लंबाई 85.5 मीटर एवं वजन करीब 1400 टन है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
नवीन तकनीक से बन रहा प्रदेश का पहला रेल कम रोड ब्रिज है। इस तकनीक का अभी कोई रेल कम रोड ब्रिज नहीं है। इसके बन जाने से यात्रियों सहित तमाम लोगों को काफी सहूलियत होगी। ट्रेनों का आवागमन भी बढ़ जाएगा।- अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed