एंबुलेंस से फौजी का शव आने पर विरोध: आक्रोशित ग्रामीणों के प्रदर्शन से 15 KM लंबा लगा जाम, पुलिस के छूटे पसीने
गाजीपुर जिले के इकरा कुड़वां गांव निवासी सेना में हवालदार राजेंद्र यादव का पार्थिव शरीर रविवार सुबह वाराणसी एयरपोर्ट से प्राइवेट एंबुलेंस द्वारा लाया जा रहा था। इससे ग्रामी आक्रोशित हो उठे। एंबुलेंस को रजवाड़ी पुल पर रोक कर वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे जाम कर दिया।
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गाजीपुर जिले के इकरा कुड़वां गांव निवासी सेना में हवालदार राजेंद्र यादव का पार्थिव शरीर रविवार सुबह वाराणसी एयरपोर्ट से प्राइवेट एंबुलेंस द्वारा लाया जा रहा था। इधर अंतिम दर्शन करने पहुंचे लोग यह देख आक्रोशित हो गए और एंबुलेंस को रजवाड़ी पुल पर रोक कर वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे जाम कर दिया। तीन घंटे बाद प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। लेकिन तब तक करीब 15 किमी. तक हाईवे के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया था। इसके चलते मौके पर पहुंची छह थाने की पुलिस के पसीने छूट गए।
सादात थाने के कुड़वा गांव निवासी आर्मी के हवलदार राजेंद्र यादव का पार्थिव शरीर जनपद की सीमा में सुबह 8 बजे पहुंचा। जहां पहले से ही सैकड़ों लोग उपस्थित थे। वे जवान के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस में देख आक्रोशित हो गए और हाईवे की दोनों लेन को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अंतिम सांस तक देशसेवा में लगे लाल का सम्मान होना चाहिए। सेना की गाड़ी में सम्मान से शव घर ले जाया जाना चाहिए।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सहित कई अधिकारी
उधर, चक्काजाम की वजह से दोनों तरफ करीब 15 किमी. तक जाम लग गया। मौके की नजाकत को देखते हुए आनन-फानन वहां एसडीएम पुष्पेंद्र पटेल, सीओ विजय आंनद शाही, तहसीलदार अभिषेक सिंह, नायाब तहसीलदार विजयकांत पांडेय पहुंच गए। सैदपुर, सादात, चौबेपुर, रामपुरमाझा, नंदगंज, खानपुर थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई। काफी समझाने से जब बात नहीं बनी।
इसके बाद अधिकारियों ने जवान के बड़े भाई राज यादव सहित ग्रामीणों को समझाया। हालांकि राहगीरों की तकलीफों को देखते हुए, प्रदर्शनकारी निजी खुले पिकअप को सजाकर उससे जवान का पार्थिव शरीर ले जाने पर सहमत हुए। इसके बाद पार्थिव शरीर ताबूत सहित पिकअप पर रखवाया गया और भारत माता की जयकारों के साथ तिरंगा लहराते हुए घर निकले।
एंबुलेंस और विद्यार्थियों का रखा ध्यान
पार्थिव शरीर को देख बेसुध हो गई थी पत्नी, निहार रही थी एकटक
हवलदार राजेंद्र यादव का पार्थिव शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। रीता देवी और मां नागेश्वरी देवी की तो दुनिया ही उजड़ गई। आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। पति का पार्थिव शरीर देखते ही बेसुध हो गई। वह अपने दोनों बच्चों अंश (7) और आयुष (5) के साथ खड़े होकर बस एकटक पति के पार्थिव शरीर को देख रही थी। जिसे देख मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
मातमी धुन के बीच पंचतत्व में हुए विलीन
हवलदार राजेंद्र यादव का अंतिम संस्कार रविवार को दोपहर में गंगा के पावन तट पर जोहरगंज स्थित श्मशान पर गार्ड आफ ऑनर के साथ किया गया। एडीएम अरुण कुमार सिंह और एसपी सिटी ज्ञानेंद्र ने माल्यार्पण कर उन्हें अंतिम विदाई दी। वहीं, सेना के जवानों द्वारा बजाई जा रही मातमी धुन और जवान बेटे को पंचतत्व में विलीन होता देख पिता राम सकल यादव की आंखें एक बार फिर भर आई। मौके पर उपस्थित जवान के दोनों छोटे बच्चे अंश (7) और आयुष (5 ) की स्थिति देख मौके पर जुटी भीड़ भी अपनी आंखों के आंसू रोक नहीं पा रही थी।