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Ghazipur News: आठवीं कर्बला की याद में निकला जुलूस
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। नगर सहित मुस्लिम बहुल गांवों और कस्बों में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन एवं दिगर शोहदा-ए-कर्बला को आठ मुहर्रम बृहस्पतिवार को पुरनम आंखों से याद किया गया। पूरे दिन एवं देर शाम तक जुलूस एवं मजलिस-ओ-मातम होता रहा।
कहीं पर मजलिस-ओ-मातम तो कहीं पर चौकी रखी गई तो कहीं हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस बरामद हुआ। कहीं पर इमाम आली मकाम हजरत सैयदना इमाम हुसैन के घोड़े जुलजनाह (दुलदुल) का जुलूस बरामद होता रहा। शहर के नखास, गोराबाजार, मुहम्मदपुर, जंगीपुर, अरजानीपुर, हुसैनपुर, गंगौली, बहरियाबाद, सादात, शादियाबाद, सौरम, भितरी, मजुई, सैदपुर आदि जगहों पर शोहदा-ए-कर्बला की याद में मजलिस-ओ-मातम किया गया। हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस बरामद हुआ।
बहरियाबाद ः कस्बा के दक्षिण मुहल्ला स्थित मुंतजिर इमाम के आवास पर मौलाना मुज्तबा हैदर ने जिक्रे शोहदा-ए-कर्बला एवं मसाएबे शोहदा-ए-कर्बला बयान किया। इसके बाद नौहाख्वानी एवं सीनाजनी की गई। उत्तर मुहल्ला स्थित शमीमुलवरा के आवास से हजरत अब्बास अलमदार की याद में देर शाम जुलूस निकाला गया।
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उत्तर मुहल्ला एवं दक्षिण मुहल्ला गश्त करते हुए अंत में मौलवी अफजल के आवास के बाहर सहन में पहुंच कर जुलूस में शामिल युवकों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान बना, बनेठी, लाठी, गत्का, लाठी आदि के साथ कलात्मक प्रदर्शन किया गया। मंकबत एवं शोहदा-ए-कर्बला की शान में शेरो-शायरी के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इससे पूर्व अंजुमन इमामिया के लोगों ने नौहाख्वानी एवं सीनाजनी की। सादात नगर स्थित कोर्ट साहब के इमामबाड़े से सायंकाल जुलजनाह (दुलदुल) का जुलूस बरामद हुआ जो मुहल्ले में गश्त करने के बाद छोटी कर्बला पुरानी बाजार होते हुए वापस आया। इस दौरान अंजुमन अब्बासिया ने नौहाख्वानी एवं सीनाजनी किया।
जुलूस में सैयद जाफर इमाम आब्दी, सैयद सफदर इमाम आब्दी, हैदर आब्दी, सेराज अहमद, शारिक, सुहेल, फायक हसन, मुकेश, दिलशाद, सईद, अरमान, कैफ आदि शामिल थे। इस दौरान लोग या अली, या हुसैन, हक हुसैन, या अब्बास की सदा बुलंद करते रहे। थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद थे।
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गाजीपुर। नगर सहित मुस्लिम बहुल गांवों और कस्बों में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन एवं दिगर शोहदा-ए-कर्बला को आठ मुहर्रम बृहस्पतिवार को पुरनम आंखों से याद किया गया। पूरे दिन एवं देर शाम तक जुलूस एवं मजलिस-ओ-मातम होता रहा।
कहीं पर मजलिस-ओ-मातम तो कहीं पर चौकी रखी गई तो कहीं हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस बरामद हुआ। कहीं पर इमाम आली मकाम हजरत सैयदना इमाम हुसैन के घोड़े जुलजनाह (दुलदुल) का जुलूस बरामद होता रहा। शहर के नखास, गोराबाजार, मुहम्मदपुर, जंगीपुर, अरजानीपुर, हुसैनपुर, गंगौली, बहरियाबाद, सादात, शादियाबाद, सौरम, भितरी, मजुई, सैदपुर आदि जगहों पर शोहदा-ए-कर्बला की याद में मजलिस-ओ-मातम किया गया। हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस बरामद हुआ।
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बहरियाबाद ः कस्बा के दक्षिण मुहल्ला स्थित मुंतजिर इमाम के आवास पर मौलाना मुज्तबा हैदर ने जिक्रे शोहदा-ए-कर्बला एवं मसाएबे शोहदा-ए-कर्बला बयान किया। इसके बाद नौहाख्वानी एवं सीनाजनी की गई। उत्तर मुहल्ला स्थित शमीमुलवरा के आवास से हजरत अब्बास अलमदार की याद में देर शाम जुलूस निकाला गया।
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उत्तर मुहल्ला एवं दक्षिण मुहल्ला गश्त करते हुए अंत में मौलवी अफजल के आवास के बाहर सहन में पहुंच कर जुलूस में शामिल युवकों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान बना, बनेठी, लाठी, गत्का, लाठी आदि के साथ कलात्मक प्रदर्शन किया गया। मंकबत एवं शोहदा-ए-कर्बला की शान में शेरो-शायरी के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इससे पूर्व अंजुमन इमामिया के लोगों ने नौहाख्वानी एवं सीनाजनी की। सादात नगर स्थित कोर्ट साहब के इमामबाड़े से सायंकाल जुलजनाह (दुलदुल) का जुलूस बरामद हुआ जो मुहल्ले में गश्त करने के बाद छोटी कर्बला पुरानी बाजार होते हुए वापस आया। इस दौरान अंजुमन अब्बासिया ने नौहाख्वानी एवं सीनाजनी किया।
जुलूस में सैयद जाफर इमाम आब्दी, सैयद सफदर इमाम आब्दी, हैदर आब्दी, सेराज अहमद, शारिक, सुहेल, फायक हसन, मुकेश, दिलशाद, सईद, अरमान, कैफ आदि शामिल थे। इस दौरान लोग या अली, या हुसैन, हक हुसैन, या अब्बास की सदा बुलंद करते रहे। थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद थे।