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Ghazipur News: 10 से 50 एकड़ में बनेंगे निजी औद्योगिक पार्क, निवेश को लगेंगे पंख

Fri, 29 Nov 2024 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:33 AM IST
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Private industrial park will be built in 10 to 50 acres, investment will get wings
गाजीपुर। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम) के तहत जिले में 10 से 50 एकड़ में निजी औद्योगिक पार्क बनेंगे। इससे जिले में निवेश को पंख लगेंगे। साथ ही जनपद में औद्योगिक माहौल तैयार होगा। रोजगार के अवसर सृजित होने से युवाओं को काम मिलेगा। निजी औद्योगिक पार्क को लेकर जिला उद्योग कार्यालय की ओर से प्रस्ताव मांगा गया है।
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जिले में निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए न्यूनतम 10 व अधिकतम 50 एकड़ भूमि तय किया गया है। जिन लोगों के पास 10 से 50 एकड़ में भूमि उपलब्ध है, वह निजी औद्योगिक पार्क के लिए आवेदन कर सकते हैं। शासन की ओर से जमीन के सर्किल रेट का 90 प्रतिशत या फिर पार्क विकसित करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर अनुदान मिलेगा। भूमि देने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये प्रति एकड़ पर लोन मिलेगा। इसको छह वर्ष एक प्रतिशत ब्याज की दर से चुकाना होगा। साथ ही यह भी व्यवस्था है कि जमीन देने वाला व्यक्ति औद्योगिक कंपनियों को जमीन किराए पर दे सकता है। सरकार की ओर से चहारदीवारी, सड़क, पार्क, प्रकाश व अन्य निर्माण कार्यों के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। ये सब व्यवस्थाएं होने पर उद्यमी निजी औद्योगिक पार्क में अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं।
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औद्योगिक मानचित्र में पिछड़ा है जनपद
औद्योगिक मानचित्र में जनपद की गिनती पिछड़े जिलों में होती है। नंदगंज चीनी मिल व बडौरा का कताई मिल वर्षों से बंद है। इनको संचालित करने के लिए कोई पहल नहीं की गई। हालांकि विभिन्न संगठनों की ओर से इन दोनों को शुरू कराने के लिए कई बार आवाज बुलंद की गई, लेकिन नतीजा सिफर निकला। वहीं नगर में अफीम फैक्ट्री भी है, लेकिन इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाता है। समय-समय पर किसानों की ओर से पोस्ता की खेती का लाइसेंस देने की मांग की जाती है, लेकिन कोई पहल नहीं की गई।
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प्रति वर्ष हजारों युवा करते हैं पलायन
जनपद में औद्योगिक इकाइयां नहीं होने से युवाओं को रोजगार की तलाश में गैर प्रांतों व बड़े महानगरों में जाना पड़ता है। प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में युवा मुंबई, सूरत, पुणे, हैदराबाद, पंजाब, नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव आदि जगहों पर जाते हैं, लेकिन निजी औद्योगिक पार्क स्थापित होने के बाद स्थानीय युवाओं को जनपद में ही रोजगार मिलने में आसानी होगी।

जनपद में निजी औद्योगिक पार्क की कवायद चल रही है। इसके लिए जिनके पास 10 से 50 एकड़ भूमि है, वह आवेदन कर सकते हैं। निजी औद्योगिक पार्क के निर्माण से जनपद में निवेश का माहौल तैयार होगा।- विवेक वर्मा, उद्योग सहायक प्रबंधक
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