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प्रमासपा नेता अरुण सिंह गिरफ्तार

Sun, 31 Jan 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर Updated Sun, 31 Jan 2016 12:00 AM IST
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Prama party leader Arun Singh arrested
करंडा की निवर्तमान ब्लाक प्रमुख रजावती देवी के पति अमरनाथ यादव की वाराणसी के अकथा (पहड़िया) में शनिवार की सुबह करीब दस बजे हुई गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में वाराणसी पुलिस ने प्रगतिशील मानव समाजवादी पार्टी के नेता व जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह को गिरफ्तार किया है। उनको करंडा के नारी
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पचदेवरा स्थित उनके विद्यालय से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अरुण के साथ-साथ ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव की तैयारी कर रहे राजेश सिंह रिंकू, विनोद सिंह और चंदन सिंह पप्पू को आरोपी बनाया गया है। उनकी तलाश में पुलिस टीम ने कई स्थानों पर दबिश दी।
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करंडा के सुआपुर निवासी अमरनाथ यादव का मकान वाराणसी के पहड़िया में भी है। शनिवार की सुबह दस बजे वह पत्नी राजावती देवी और पुत्र के  साथ गाड़ी से पहड़िया स्थित आवास पर जा रहे थे कि रास्ते में  गाड़ी पंक्चर  हो गई। इसी
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बीच बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर अमरनाथ की हत्या कर दी। अमरनाथ के पुत्र आशीष  ने प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के नेता अरुण सिंह, राजेश सिंह रिंकू, मेहरौली करंडा निवासी विनोद सिंह और सैदपुर के लिलाधरपुर निवासी

चंदन सिंह पप्पू को नामजद किया। उसके बाद वाराणसी पुलिस की टीम करीब तीन बजे के करीब करंडा पहुंची। नारी पचदेवरा मां दुर्गा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से अरुण सिंह को अपने साथ ले गई।

 अरुण सिंह के चचेरे भाई व शराब कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की 16 मार्च 2015 की सुबह दस बजे सकलेनाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और 28 लाख रुपये लूट लिए गए थे। इस मामले में जांच के दौरान अमरनाथ यादव

का नाम सामने आया था। उसके बाद से अरुण सिंह और अमरनाथ के बीच अदावत चल रही है। अमरनाथ की हत्या को ब्लाक प्रमुख के चुनाव से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। अमरनाथ यादव के पुत्र आशीष यादव को सपा ने करंडा प्रमुख

पद का प्रत्याशी बनाया है। वाराणसी की पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में भी कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन शाम तक अन्य कोई नामजद आरोपी नहीं पकड़ा गया था।

हत्या के प्रयास के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस कस्टडी से फरार होकर अमरनाथ यादव लंबे समय तक पुलिस के लिए सिरदर्द बना रहा। पुलिस का दबाव बढ़ने पर उसने फिल्मी अंदाज में लालबत्ती कार से जाकर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इन दिनों जमानत पर था।

कोतवाली इलाके के भुतहिया टांड के पास 27 अप्रैल 2015 को सुबह साढ़े आठ बजे के करीब पांच लग्जरी वाहनों पर सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में अमरनाथ और राजेश पांडेय को पुलिस कस्टडी से छुड़ा लिया था।

अमरनाथ और राजेश पांडेय को ईंट भट्ठा संचालक चंदन सिंह पप्पू पर जानलेवा हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चंदन पर 19 अप्रैल 2015 पर सैदपुर के हसनपुर डगरा पुलिया के पास जानलेवा हमला किया गया था। चंदन ने

अमरनाथ यादव और वाराणसी के चोलापुर निवासी राजेश पांडेय को आरोपी बनाया था। उनको मुहम्मदाबाद की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के बाद 27 अप्रैल की सुबह तत्कालीन शाहनिंदा चौकी प्रभारी राजू कुमार अपने सात पुलिसकर्मियों के साथ उनको सैदपुर न्यायालय में पेश करने के लिए ले जा रहे थे कि भुतहिया टांड के पास बदमाशों ने

उन्हें घेर लिया और दोनों को छुड़ा ले गए। इस मामले में   तत्कालीन एसपी डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने चौकी प्रभारी राजू कुमार तथा सत्येंद्र यादव,  राजेश कुमार, कमलेश यादव, दीपक कुमार, अरविंद कुमार तथा रघुवंश राय आदि पुलिस

कर्मियों कतो निलंबित कर दिया था। बाद में पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो उन्होंने लालबत्ती की एक गाड़ी से एसपी आवास पर जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। अमरनाथ जमानत पर छूटने के बाद इन दिनों पुत्र आशीष यादव को ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ाने की तैयारी में लगा था। उसकी राजनीतिक पैठ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने बेटे को सपा से टिकट भी दिला दिया था।

यह महज इत्तेफाक है कि एक तरफ गाजीपुर फास्टट्रैक कोर्ट में बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह की पेशी हुई और दूसरी ओर वाराणसी के पहड़िया में हेरोइन तस्कर अमरनाथ यादव की हत्या हो गई। हत्या कुछ ही घंटों के भीतर वाराणसी की

पुलिस ने करंडा से जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इन सभी घटनाक्रम को आपस में जोड़कर देख रही है। कहा जा रहा है कि अमरनाथ की हत्या सुनियोजित साजिश का नतीजा है। इसके पीछे

सटीक मुखबीरी की गई थी। पुलिस का भी मानना है कि सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की गई है। उसे किसी लेनदेन के मामले में बुलाया गया था और हत्या कर दी गई।

वर्ष 2011 में वाराणसी में 25 कंटेनर अफीम पकड़ी गई। इस मामले में करंडा ब्लाक प्रमुख रजावती देवी के पति अमरनाथ यादव का भी नाम पहली बार चर्चा में आया। वह जेल गया। 14 अप्रैल 2011 को वाराणसी की एसटीएफ और

शिवपुर पुलिस ने हेरोइन बनाने में काम आने वाला चार किलो केमिकल के साथ सुशील तथा सुखलाल पकड़े गए थे। उन्होंने बताया था कि वे अमरनाथ यादव को केमिकल देने ले जा रहे थे। पुलिस की जांच में  चोलापुर के राजेश पांडेय

की भी हेरोइन की तस्करी में संलिप्तता का पता चला। 16 मार्च 2015 को दिनदहाड़े जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अरुण सिंह के चचेरे भाई मनोज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसमें भी अमरनाथ यादव का नाम सामने


आया। करंडा थानाध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने बताया कि अमरनाथ यादव के ऊपर करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, मादक पदार्थ की तस्करी, गैंगस्टर आदि प्रमुख हैं।    


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