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टापटेन अपराधी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
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करंडा। थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा गांव के बाहर सड़क से मंगलवार कर देर शाम पुलिस टीम ने टाप टेन में शामिल शातिर अपराधी को धर-दबोचा। तलाशी लेने पर एक तमंचा और एक कारतूस भी बरामद किया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया।
पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली की ब्राह्मणपुरा गांव के बाहर सड़क से शातिर और थाने के टॉप टेन अपराधी प्रदीप मिश्रा को धर-दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक तमंचा और एक कारतूस भी बरामद किया गया। मालूम हो कि पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर बदमाश प्रदीप मिश्रा ने संघ कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या में मुख्य षडयंत्रकारी की भूमिका निभाई थी। साथ ही शातिर बदमाश रवि यादव, राजेश दुबे उर्फ टुन्ना गैंग के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी थी। यही उनके भाई अमितेश मिश्रा को भी गोली मार गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लंबे इलाज के बाद अमितेश की जान बच पाई थी। शातिर प्रदीप गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तश्करी में लंबे समय से लिप्त है। बनगांवा निवासी कुख्यात राजेश दुबे टुन्ना को वाराणसी एसटीएफ ने दो वर्ष पहले ही सारनाथ रिंगरोड के पास एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। टुन्ना की मौत के बाद गैंग की कमान रवि यादव ने ले ली। रवि यादव और प्रदीप मिश्रा जेल से छूटने के बाद लगातार अपने गैंग का विस्तार करते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस गैंग ने अपराध के लिए बिहार और पड़ोसी जिलों को अपना क्षेत्र बनाया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदीप मिश्रा पर 2008 से अब तक हत्या, हत्या के प्रयास और गैगेस्टर एक्ट सहित कुल 10 मुकदमे पंजीकृत है। इसकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई थी। गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।
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पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली की ब्राह्मणपुरा गांव के बाहर सड़क से शातिर और थाने के टॉप टेन अपराधी प्रदीप मिश्रा को धर-दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक तमंचा और एक कारतूस भी बरामद किया गया। मालूम हो कि पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर बदमाश प्रदीप मिश्रा ने संघ कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या में मुख्य षडयंत्रकारी की भूमिका निभाई थी। साथ ही शातिर बदमाश रवि यादव, राजेश दुबे उर्फ टुन्ना गैंग के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी थी। यही उनके भाई अमितेश मिश्रा को भी गोली मार गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लंबे इलाज के बाद अमितेश की जान बच पाई थी। शातिर प्रदीप गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तश्करी में लंबे समय से लिप्त है। बनगांवा निवासी कुख्यात राजेश दुबे टुन्ना को वाराणसी एसटीएफ ने दो वर्ष पहले ही सारनाथ रिंगरोड के पास एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। टुन्ना की मौत के बाद गैंग की कमान रवि यादव ने ले ली। रवि यादव और प्रदीप मिश्रा जेल से छूटने के बाद लगातार अपने गैंग का विस्तार करते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस गैंग ने अपराध के लिए बिहार और पड़ोसी जिलों को अपना क्षेत्र बनाया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदीप मिश्रा पर 2008 से अब तक हत्या, हत्या के प्रयास और गैगेस्टर एक्ट सहित कुल 10 मुकदमे पंजीकृत है। इसकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई थी। गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।
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